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Bullet Train Update: भारत में 320 kmph की स्पीड के दौरान कैसे ट्रैक बदलेगी बुलेट ट्रेन? NHSRCL ने समझाया इसके पीछे का साइंस

Bullet Train Update: रेल मंत्रालय का लक्ष्य अगले साल मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के प्रायोरिटी सेक्शन पर हर हाल में ऑपरेशन शुरू करना है। इसके लिए नई टेक्नोलॉजी लाई जा रही हैं ताकि ट्रेनें 320 kmph तक की रफ्तार से सुरक्षित और आसानी से चल सकें। इस कॉरिडोर पर इस्तेमाल की जा रही अहम टेक्नोलॉजी में से एक है खास ट्रैक-स्विचिंग सिस्टम। जानिए आखिर ये क्या है और कैसे काम करेगा

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 22, 2026 पर 4:24 PM
Bullet Train Update: भारत में 320 kmph की स्पीड के दौरान कैसे ट्रैक बदलेगी बुलेट ट्रेन? NHSRCL ने समझाया इसके पीछे का साइंस
Bullet Train Update: 320 किमी/घंटे की रफ्तार में कैसे ट्रैक बदलेगी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन? NHSRCL ने समझाया

Bullet Train Update: रेल मंत्रालय के मुताबिक, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर ट्रेनें 320 किमी/घंटे तक की रफ्तार से चलेंगी। इतनी तेज रफ्तार के दौरान ट्रेन को एक ट्रैक से दूसरे ट्रैक पर सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए सामान्य रेलवे ट्रैक से अलग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। रेलवे मंत्रालय अगले साल कॉरिडोर के प्राथमिकता वाले हिस्से पर ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे इसके लिए नई टेक्नोलॉजी लाई जा रही हैं ताकि ट्रेनें 320 kmph तक की रफ्तार से सुरक्षित और आसानी से चल सकें। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर इस्तेमाल की जा रही अहम टेक्नोलॉजी में से एक है स्पेशल ट्रैक-स्विचिंग सिस्टम (track-switching system)।

इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) खास तरह के ट्रैक टर्नआउट यानी ट्रैक बदलने की व्यवस्था लगा रहा है। यानी 320 किमी/घंटे की रफ्तार में ट्रैक बदलने की प्रक्रिया सिर्फ रेल के यांत्रिक हिस्सों पर निर्भर नहीं होगी। बल्कि पॉइंट मशीनें, लॉकिंग और सिग्नलिंग सिस्टम मिलकर ट्रेन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेंगे।

दरअसल, इंडियन रेलवे के ट्रैक पर ट्रेनें 'टर्नआउट (turnout)' नाम के सिस्टम से ट्रैक बदलती हैं। जिस जगह पर दो ट्रैक मिलते हैं, वहां आमतौर पर रेल में थोड़ा गैप होता है। बहुत तेज रफ्तार में इस गैप से गुजरने पर ज्यादा झटका, वाइब्रेशन और टूट-फूट हो सकती है।

बुलेट ट्रेन ट्रैक कैसे बदलेगी?

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