Jaipur: CBSE ने की जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की मान्यता रद्द, चौथी क्लास की बच्ची के सुसाइड मामले में बड़ा एक्शन

CBSE On Jaipur Neerja Modi School: बच्ची के माता-पिता ने जुलाई 2024 में ही बुलिंग की शिकायत की थी। सितंबर 2025 की PTM में पिता ने खुद एक लड़के को अपनी बेटी को परेशान करते देखा था, लेकिन टीचर ने कार्रवाई करने के बजाय सलाह दी कि 'बच्ची को एडजस्ट करना चाहिए'

अपडेटेड Dec 31, 2025 पर 9:14 AM
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बोर्ड की जांच समिति ने पाया कि स्कूल प्रशासन छात्र सुरक्षा मानदंडों को बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा

Neerja Modi School: जयपुर के चर्चित नीरजा मोदी स्कूल में 1 नवंबर को चौथी कक्षा की एक छात्रा ने स्कूल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अब CBSE ने स्कूल पर कड़ा एक्शन लिया है। बोर्ड ने स्कूल की मान्यता को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। बोर्ड की जांच समिति ने पाया कि स्कूल प्रशासन छात्र सुरक्षा मानदंडों को बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा और बच्ची द्वारा बार-बार की गई शिकायतों को नजरअंदाज किया गया।

जांच रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे

CBSE की जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्कूल की गंभीर लापरवाहियों को उजागर किया है। जिस दिन छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उठाया, उस आखिरी 45 मिनट के भीतर वह 5 बार अपनी क्लास टीचर के पास मदद के लिए गई थी, लेकिन टीचर ने उसकी परेशानी पर कोई ध्यान नहीं दिया। बच्ची को उसके सहपाठी लंबे समय से परेशान कर रहे थे। एक डिजिटल स्लेट पर लड़कों ने कुछ ऐसा लिखा था जिससे वह बेहद शर्मिंदा और परेशान थी। CCTV फुटेज में बच्ची को लड़कों से उसे मिटाने की मिन्नतें करते देखा गया है।


बच्ची के माता-पिता ने जुलाई 2024 में ही बुलिंग की शिकायत की थी। सितंबर 2025 की PTM में पिता ने खुद एक लड़के को अपनी बेटी को परेशान करते देखा था, लेकिन टीचर ने कार्रवाई करने के बजाय सलाह दी कि 'बच्ची को एडजस्ट करना चाहिए।'

CBSE का सख्त रुख

CBSE के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, स्कूल में शिकायतों के निवारण और काउंसलिंग का सिस्टम पूरी तरह फेल पाया गया। बोर्ड ने कहा कि स्कूल को छात्रों के लिए एक 'सुरक्षित पनाहगाह' होना चाहिए, लेकिन नीरजा मोदी स्कूल ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का घोर उल्लंघन किया है। मान्यता रद्द करने के साथ ही स्कूल पर कठोर दंड लगाने की बात कही गई है।

छात्रों के भविष्य पर क्या होगा असर?

मान्यता रद्द होने के बाद मौजूदा छात्रों के लिए बोर्ड ने विशेष व्यवस्था की है। सत्र 2025-26 के लिए वर्तमान 10वीं और 12वीं के छात्र इसी स्कूल से परीक्षा दे सकेंगे।वर्तमान में कक्षा 9वीं और 11वीं कक्षाओं में पढ़ रहे छात्रों को सत्र 2026-27 के लिए क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा आसपास के अन्य स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। स्कूल अब कोई नया एडमिशन नहीं ले पाएगा और न ही निचली कक्षाओं के बच्चों को 9वीं या 11वीं में प्रमोट कर सकेगा। स्कूल एक साल के अंतराल (2027-28) के बाद माध्यमिक स्तर के लिए पुनः मान्यता मांग सकता है, बशर्ते वह सभी सुरक्षा मानदंडों को पूरा करे।

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