बढ़ते हवाई किराए पर सरकार सख्त, सभी रूटों पर किराया कैप लागू...अब नहीं चलेगी मनमानी

IndiGo nationwide operational collapse : इंडिगो संकट के बीच सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने सख्त चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है, ताकि एअरलाइंस किसी भी तरह की मनमानी या मौकापरस्ती वाली कीमत ना वसूल सकें

अपडेटेड Dec 06, 2025 पर 2:43 PM
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बढ़ते किराए की शिकायतों पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाया है।

हवाई यात्रा के दौरान अचानक बढ़ते किराए की शिकायतों पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय  ने कड़ा रुख अपनाया है। इंडिगो संकट के बीच सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने सख्त चेतावनी जारी की है। उड्डयन मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है, ताकि एअरलाइंस किसी भी तरह की मनमानी या मौकापरस्ती वाली कीमत ना वसूल सकें। बता दें कि सरकार ने इंडिगो एयरलाइंस के ऑपरेशनल संकट के बीच कुछ एयरलाइंस द्वारा असामान्य रूप से ऊंचे किराए वसूलने की खबरों पर गंभीर नोटिस लिया है

सरकार ने जारी की सख्त चेतावनी

इंडिगो संकट के बीच सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने सख्त चेतावनी जारी की हैमंत्रालय ने सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है, ताकि एअरलाइंस किसी भी तरह की मनमानी या मौकापरस्ती वाली कीमत ना वसूल सकेंउन्होंने स्पष्ट कहा है कि इंडिगो में पैदा हुए संकट की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जो भी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगीमंत्री ने बताया कि केंद्र द्वारा बनाई गई कमेटी जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे

एयरलाइंस को दिए गए ये निर्देश

बयान में कहा गया कि यात्रियों को किसी भी तरह की बढ़ी-चढ़ी या मौके का फायदा उठाकर की जाने वाली टिकट कीमतों से बचाने के लिए मंत्रालय ने अपनी नियम बनाने वाली शक्तियों का इस्तेमाल किया है। इसके तहत सभी प्रभावित रूट्स पर सही और वाजिब किराया तय किया गया है। साथ ही, एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि ऑपरेशन पूरी तरह सामान्य होने तक इन नई सीमा-बद्ध कीमतों का सख्ती से पालन करें। सरकार ने बताया कि यह कदम इसलिए जरूरी था ताकि टिकट कीमतों में अनुशासन बना रहे और यात्रियों का शोषण न हो। खासकर ऐसे समय में जब सीनियर सिटिजन, छात्र, मेडिकल जरूरत वाले लोग और हजारों अन्य यात्री बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने के बाद सीट पाने के लिए परेशान हैं।


अधिकारियों ने बताया कि अब सरकार हवाई किरायों पर रियल-टाइम में नज़र रखेगी। इसके लिए एयरलाइंस के साथ-साथ ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म की भी जांच की जाएगी, ताकि कोई भी कंपनी मनमानी कीमत न लगा सके मंत्रालय ने साफ चेतावनी दी है कि तय किए गए नियमों से थोड़ी भी गड़बड़ी मिली तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी और किरायों को सही स्तर पर लाया जाएगा। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब शनिवार को इंडिगो का संकट और बढ़ गया। यह हाल के वर्षों में किसी एक दिन में हुई सबसे बड़ी उड़ान बाधाओं में से एक मानी जा रही है।

मुंबई दिल्ली पर सबसे ज्यादा असर 

मुंबई में सबसे अधिक 109 उड़ानें रद्द हुईं, जबकि दिल्ली में 86 उड़ानें कैंसिल हुईं। इससे देश के दो सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स पर भारी असर पड़ा और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस संकट का असर देश के दूसरे बड़े एयरपोर्ट हब पर भी दिखा। हैदराबाद में 69 उड़ानें रद्द हुईं, बेंगलुरु में 50, पुणे में 42 और चेन्नई में करीब 30 कैंसलेशन हुए। अहमदाबाद में भी 19 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं क्योंकि स्टाफ की कमी से संचालन प्रभावित हो रहा था। इंडिगो, जो सामान्य दिनों में लगभग 2,300 उड़ानें चलाता है, अभी भी पायलटों की कमी और प्लानिंग की गड़बड़ियों से परेशान है। एविएशन अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं, लेकिन हालात के तुरंत पूरी तरह सुधरने की उम्मीद फिलहाल नहीं है।

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