CJI Warns WhatsApp: 'प्राइवेसी का सम्मान करो या भारत छोड़ दो...', CJI सूर्यकांत की मेटा को दो टूक

CJI Suryakant On WhatsApp: सीजेआई ने मेटा को दो टूक लहजे में कहा कि अगर कोई कंपनी भारत के संविधान और कानूनों का पालन नहीं कर सकती, तो उसके लिए रास्ता बहुत स्पष्ट है। वह भारत से बाहर जा सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निजता का अधिकार कोई ऐच्छिक विकल्प नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया एक मौलिक अधिकार है

अपडेटेड Feb 03, 2026 पर 12:59 PM
Story continues below Advertisement
सुनवाई के दौरान जब मेटा के वकील ने 'ऑप्ट-आउट' यानी सेवा से बाहर निकलने के विकल्प की दलील दी, तो सीजेआई भड़क गए

CJI Warns WhatsApp: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने व्हाट्सएप-मेटा डेटा शेयरिंग मामले में बेहद सख्त रुख अपनाते हुए टेक कंपनियों को बड़ी चेतावनी दी है। नागरिकों की निजता को लेकर अदालत ने साफ कर दिया कि प्राइवेसी के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। सीजेआई ने मेटा को दो टूक लहजे में कहा कि अगर कोई कंपनी भारत के संविधान और कानूनों का पालन नहीं कर सकती, तो उसके लिए रास्ता बहुत स्पष्ट है। वह भारत से बाहर जा सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निजता का अधिकार कोई ऐच्छिक विकल्प नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया एक मौलिक अधिकार है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा लगाए गए जुर्माने को लेकर भी निर्देश जारी किए। कोर्ट ने कहा कि मेटा द्वारा जमा किया गया जुर्माना फिलहाल जमा रहेगा, लेकिन अगले आदेश तक उसे निकाला नहीं जा सकेगा। अदालत ने सभी पक्षों को अपनी दलीलें दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। हालांकि, संदेश स्पष्ट है कि भारत में व्यापार करने वाली किसी भी टेक कंपनी को यहां के नागरिकों के डिजिटल अधिकारों का सम्मान करना ही होगा।

इस दलील पर भड़क गए सीजेआई


सुनवाई के दौरान जब मेटा के वकील ने 'ऑप्ट-आउट' यानी सेवा से बाहर निकलने के विकल्प की दलील दी, तो सीजेआई भड़क गए। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह कोई विकल्प है कि यूजर सेवा छोड़ दे और फिर भी उसका डेटा साझा किया जाए? कोर्ट ने सख्त शब्दों में कहा कि हम आपको भारतीय नागरिकों की एक भी जानकारी साझा करने की अनुमति नहीं देंगे। अदालत ने मेटा को निर्देश दिया कि वे स्पष्ट रूप से डेटा साझा न करने का वादा दें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अगली सुनवाई पर टिकीं है सभी की नजरें

अब यह महत्वपूर्ण मामला तीन जजों की विशेष पीठ के पास अंतिम सुनवाई के लिए भेज दिया गया है। अगली सुनवाई में डेटा गोपनीयता और टेक कंपनियों की जवाबदेही पर एक ऐतिहासिक फैसला आने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट का यह रुख दर्शाता है कि भारत सरकार और न्यायपालिका अब डेटा सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। इस फैसले से तय होगा कि भविष्य में विदेशी टेक कंपनियां भारतीय उपभोक्ताओं के डेटा को किस तरह हैंडल करेंगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।