पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारिखों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य में दो चरण में चुनाव होंगे और चार मई को नतीजे आएंगे। वहीं चुनाव के तारीखों के ऐलान से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के पुजारियों और मुअज्जिनों के मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। वहीं सरकारी कर्मचारियों के DA का बकाया दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि DA का बकाया मार्च से मिलेगा। सरकार के इस फैसले को आगामी चुनावों के मद्देनजर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा फैसला
बता दें कि, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने से करीब एक घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस साल मार्च से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) के बकाया का भुगतान करेगी। इस फैसले का फायदा शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और अनुदान प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा। इससे पहले ममता बनर्जी ने यह भी घोषणा की थी कि राज्य में पुजारियों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद उनका भत्ता बढ़कर 2,000 रुपये हो जाएगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन घोषणाओं की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि उनकी “मां-माटी-मानुष” सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से किया गया वादा पूरा किया है। उन्होंने बताया कि शिक्षण संस्थानों के लाखों शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी, साथ ही पंचायत, नगर निकाय और अन्य अनुदान प्राप्त संस्थानों के कर्मचारी और पेंशनभोगी भी इसमें शामिल हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी नियमों के अनुसार इन सभी को मार्च 2026 से ROPA 2009 के तहत महंगाई भत्ते (DA) का बकाया मिलना शुरू हो जाएगा। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि पुजारियों और मुअज्जिनों की सेवाएं समाज के सामाजिक जीवन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं, इसलिए उनके मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक और पोस्ट में बताया कि राज्य सरकार ने पुजारियों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब उन्हें हर महीने 2,000 रुपये मानदेय मिलेगा। ममता बनर्जी ने कहा कि पुजारी और मुअज्जिन समाज के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने पुजारियों और मुअज्जिनों द्वारा जमा किए गए सभी नए आवेदनों को भी मंजूरी दे दी है। उन्हें “हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के संरक्षक” बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें वह सम्मान और सहयोग मिले जिसके वे हकदार हैं।