पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। एक ओर गृह मंत्री अमित शाह बंगाल दौरे पर है, तो वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिले-दर-जिले राजनीतिक दौरे की शुरुआत कर दी है। मंगलवार (30 दिसंबर) को उन्होंने बांकुरा जिले के बरजोरा विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अमित शाह के हालिया बयानों पर जोरदार पलटवार किया।
ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर घुसपैठ की समस्या सिर्फ बंगाल में है, तो फिर देश के दूसरे हिस्सों में हुई घटनाओं का क्या जवाब है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "क्या घुसपैठिए सिर्फ बंगाल में ही हैं? क्या कश्मीर में कोई नहीं है? अगर बंगाल में ही घुसपैठिए थे, तो फिर पहलगांव में हमला क्यों हुआ? दिल्ली में हाल ही में जो घटनाएं हुईं, क्या वहां कोई घुसपैठिया नहीं था? क्या घुसपैठ सिर्फ बंगाल में ही होती है?" मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल को बदनाम करने के लिए घुसपैठ के मुद्दे को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र की भी उतनी ही है।
ममता बनर्जी ने SIR प्रक्रिया का जिक्र करते हुए दावा किया कि इस प्रक्रिया की वजह से राज्य में 58 से 60 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि, "जिनलोगों की SIR की वजह से मौत हुई है। उनका हर जिले में 'शहीद स्मारक' बनाए जाएंगे, जिनमें 57 लोगों के नाम अंकित होंगे।" मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची संशोधन के नाम पर आम लोगों को डराया और परेशान किया जा रहा है।
दअरसल, इससे पहले कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। शाह ने कहा था कि बंगाल सरकार बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन नहीं देती, जिस वजह से सीमा पर तारबंदी पूरी नहीं हो पा रही है और घुसपैठिए आसानी से गांवों तक पहुंच जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि राज्य सरकार जानबूझकर घुसपैठियों को पनाह देती है और स्थानीय प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता।
ममता ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि घुसपैठ के मुद्दे को लेकर BJP राजनीति कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बंगाल को बार-बार निशाना बनाकर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए साफ है कि घुसपैठ, SIR जैसे मुद्दे इस बार बंगाल की राजनीति में लाइमलाइट में रहने वाली हैं।
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