महाराष्ट्र से बड़ी सियासी खबर सामने आई है। बारामती उपचुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी बारामती विधानसभा उपचुनाव में अपना उम्मीदवार वापस लेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं के अनुरोध के बाद लिया गया है, ताकि 23 अप्रैल को होने वाला चुनाव बिना मुकाबले (निर्विरोध) हो सके। बता दें बारामती से कांग्रेस ने आकाश मोरे को टिकट दिया था। यह सीट अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई है और यहां से उनकी पत्नी और मौजूदा डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार मैदान में हैं।
मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि, बीजेपी के खिलाफ लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने बारामती से चुनाव लड़ने का फैसला किया था। उन्होंने यह भी बताया कि सिर्फ बारामती ही नहीं, बल्कि राहुरी में भी पार्टी ने बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ने की बात कही थी और कार्यकर्ता घर-घर जाकर प्रचार भी कर रहे थे। कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव में अपने नेता आकाश मोरे को सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार बनाया था। लेकिन बाद में पार्टी ने अपना उम्मीदवार वापस लेने का फैसला किया। कांग्रेस ने यह कदम अजीत पवार के प्रति सम्मान जताते हुए उठाया।
विमान हादसे में हुआ था अजीत पवार का निधन
बता दें कि इस साल 28 जनवरी को बारामती में एक चार्टर्ड विमान हादसे में अजीत पवार का निधन हो गया था। वहीं बारामती, अजीत पवार की मजबूत राजनीतिक सीट मानी जाती थी। अजीत पवार के निधन के बाद अब उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार इस सीट से चुनाव लड़ रही हैं। बारामती उपचुनाव को निर्विरोध कराने की अपील सुप्रिया सुले और देवेंद्र फडणवीस ने की थी। दोनों नेताओं ने कहा कि यह कदम अजीत पवार को सम्मान देने और एकता दिखाने के लिए जरूरी है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से भी बात की और उनसे अनुरोध किया कि वे सुनेत्रा पवार के खिलाफ अपना उम्मीदवार वापस ले लें। वहीं, सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अजीत पवार के अचानक निधन के बाद बारामती में उपचुनाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि अजीत पवार ने अपनी राजनीतिक शुरुआत कांग्रेस से की थी और लंबे समय तक पार्टी के साथ उनका जुड़ाव सम्मानजनक रहा।