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'सरकार सही काम कर रही...': मिडिल ईस्ट जंग पर कांग्रेस के भीतर मतभेद! शशि थरूर और मनीष तिवारी ने केंद्र का किया समर्थन

Israel-US Iran War: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर भारत सरकार के रुख को लेकर केंद्र का समर्थन किया है। इसके अलावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध पर केंद्र सरकार के रुख की सराहना की

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Mar 19, 2026 पर 3:54 PM
'सरकार सही काम कर रही...': मिडिल ईस्ट जंग पर कांग्रेस के भीतर मतभेद! शशि थरूर और मनीष तिवारी ने केंद्र का किया समर्थन
Israel-US Iran War: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने मिडिल ईस्ट जंग पर सरकार का किया समर्थन

Israel-US Iran War: पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध को लेकर एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी लगातार केंद्र सरकार की आलोचना कर रही है। वहीं, कांग्रेस पार्टी के दो सीनियर सांसदों शशि थरूर और मनीष तिवारी ने मिडिल ईस्ट जंग पर भारत सरकार की विदेश नीति का समर्थन किया है। दोनों नेताओं ने कहा कि इस जटिल स्थिति में भारत ने अपने हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित और समझदारी भरा रुख अपनाया है। शशि थरूर और मनीष तिवारी ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध पर केंद्र सरकार के रुख की सराहना की है।

शशि थरूर ने अपने एक आर्टिकल में भारत की चुप्पी को सही ठहराते हुए कहा कि यह कोई नैतिक कमजोरी नहीं बल्कि जिम्मेदार कूटनीति का हिस्सा है। उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की गुटनिरपेक्ष नीति का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत हमेशा सिद्धांत और व्यवहारिकता के बीच संतुलन बनाकर चलता आया है। शशि थरूर ने लिखा, "गुटनिरपेक्षता का मतलब नैतिक रुख से दूर रहना नहीं था, बल्कि यह समझना था कि देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए बड़े वैश्विक टकरावों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।"

तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा कि आज के दौर में भारत 'मल्टी-अलाइनमेंट' की नीति पर चल रहा है। यानी वह अलग-अलग वैश्विक ताकतों के साथ अपने संबंध बनाए रखते हुए अपने राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देता है। उन्होंने यह भी माना कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सही नहीं है। लेकिन भारत की चुप्पी इसका समर्थन नहीं है। बल्कि यह एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है।

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक शशि थरूर ने कहा, "सरकार का यह देखना कि किसी बयान का देश की अर्थव्यवस्था और रणनीतिक स्थिति पर क्या असर पड़ेगा... नैतिक समर्पण नहीं, बल्कि जिम्मेदार शासन है।" कांग्रेस सांसद ने जोर देकर कहा कि भारत की चुप्पी का मतलब युद्ध का समर्थन करना नहीं है।

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