
Cyclone Ditwah : बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात 'दितवाह' ने श्रीलंका को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और बाढ़-भूस्खलन से पूरे द्वीप राष्ट्र में भयंकर तबाही हुई है। भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तमिलनाडु के कई इलाकों में अगले 48 घंटों के भीतर बेहद भारी बारिश हो सकती है। इसके लिए विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। यह स्थिति तब बनी है जब चक्रवात ‘दितवाह’ श्रीलंका को पार करते हुए भारतीय तट के करीब आ गया है। IMD के अनुसार, श्रीलंका से गुजरते समय चक्रवात की ताकत कुछ कम हुई है, लेकिन यह अब भी इतना प्रभावी है कि उत्तर तमिलनाडु और पास के आंध्र प्रदेश में तेज़ बारिश और तेज़ हवाएँ ला सकता है।
IMD के अनुसार, चक्रवात अब दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वे 1 दिसंबर तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के आसपास के समुद्र में न जाएं। चक्रवात के बाहरी हिस्से तट के करीब पहुंच रहे हैं, जिससे समुद्र में तेज़ लहरें और बेहद उथल-पुथल भरी स्थिति बन सकती है। मौसम बिगड़ने का असर चेन्नई में भी साफ दिखा। शनिवार को खराब मौसम की वजह से 54 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। सुबह शहर में हल्की बारिश हुई और आसमान पूरे दिन बादलों से घिरा रहा। एहतियात के तौर पर आपदा प्रबंधन टीमें भी तैयार रखी गई हैं।
साइक्लोन दितवाह क्या है और कैसे बना?
चक्रवात दितवाह की शुरुआत इस हफ़्ते बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बने एक लो-प्रेशर एरिया से हुई। समुद्र का गर्म तापमान और अनुकूल हवाएं इसे धीरे-धीरे मजबूत बनाती गईं। पहले यह एक गहरे डिप्रेशन में बदला और फिर एक पूर्ण साइक्लोनिक तूफ़ान बन गया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका के तट के पास पहुँचते-पहुँचते दितवाह तेजी से ताकतवर हो गया और समुद्र से नमी खींचकर भारी बारिश कराई।
श्रीलंका की जमीन को पार करने के बाद इसकी तीव्रता कुछ कम जरूर हुई, लेकिन मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ते हुए यह अभी भी भारी से बहुत भारी बारिश ला सकता है। तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है, और लैंडफॉल के समय तेज़ झोंके भी चल सकते हैं।
श्रीलंका में 123 मौतें, सैकड़ों लापता
श्रीलंका ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। देश के डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (DMC) के अनुसार, चक्रवात दितवाह के कारण हुई भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 130 लोग अब भी लापता हैं। लगभग 15,000 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और करीब 44,000 नागरिकों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। यह हाल के वर्षों में देश की सबसे भीषण मौसम आपदाओं में से एक बन गई है। DMC के डायरेक्टर-जनरल संपत कोटुवेगोडा ने बताया कि बड़े पैमाने पर सेना को तैनात कर राहत और बचाव कार्य तेज़ कर दिए गए हैं। कोलंबो में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “हमें अभी तक 123 लोगों की मौत की पुष्टि मिली है और 130 लोग लापता हैं।”
ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ से श्रीलंका की मदद को आगे आया भारत
श्रीलंका में आई भयानक तबाही के बाद भारत ने तुरंत मानवीय मदद के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है। इस मिशन का उद्देश्य चक्रवात दितवाह से प्रभावित लोगों तक राहत पहुँचाना है। इसी के तहत INS विक्रांत और INS उदयगिरी शुक्रवार को कोलंबो पहुंचे। जहाज़ों में राहत सामग्री का पहला बड़ा बैच था, जिसमें जरूरी सामान, दवाइयाँ, पीने का पानी, टेंट और अन्य आपातकालीन उपकरण शामिल थे।
शनिवार को भारतीय वायुसेना का IL-76 विमान भी श्रीलंका पहुंचा। इसके साथ 80 NDRF जवान, चार स्निफर डॉग और विशेष बचाव उपकरण भेजे गए हैं, जो फंसे हुए लोगों की तलाश और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद करेंगे। यह टीम, जो हिंडन एयरबेस से रवाना हुई थी, 8वीं बटालियन के कमांडेंट पी. के. तिवारी के नेतृत्व में काम कर रही है। दल के पास रबर की नावें, हाइड्रोलिक कटिंग टूल, कम्युनिकेशन सेट और मेडिकल किट जैसे कई जरूरी उपकरण हैं। यह तैनाती ऐसे समय हुई है जब श्रीलंका लगातार बढ़ते नदी के स्तर, भारी बाढ़ और भूस्खलन को देखते हुए आपदा की चेतावनी जारी कर चुका है।
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