PM Modi: पीएम मोदी ने 'मन की बात' में खाड़ी देशों का जताया आभार, मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत की तैयारियों पर की चर्चा

PM Modi Thanks Gulf Countries: पीएम ने कहा, 'ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण पड़ोस में स्थिति गंभीर है। मैं खाड़ी देशों की सरकारों का आभारी हूं जिन्होंने वहां रह रहे हमारे नागरिकों को हर संभव मदद और सुविधाएं प्रदान की हैं'

अपडेटेड Mar 29, 2026 पर 12:04 PM
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सरकार ने युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए 'ऑपरेशन' तेज किया हुआ है

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'मन की बात' के 132वें एपिसोड में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। पिछले एक महीने से जारी इस संघर्ष के बीच पीएम मोदी ने विशेष रूप से खाड़ी देशों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने वहां रह रहे करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने में भारत की मदद की है।

'मन की बात' में पीएम मोदी के मुख्य संदेश

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि मार्च का महीना वैश्विक स्तर पर काफी उथल-पुथल भरा रहा है:


खाड़ी देशों का आभार: पीएम ने कहा, 'ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण पड़ोस में स्थिति गंभीर है। मैं खाड़ी देशों की सरकारों का आभारी हूं जिन्होंने वहां रह रहे हमारे नागरिकों को हर संभव मदद और सुविधाएं प्रदान की हैं।'

ऊर्जा संकट की चेतावनी: उन्होंने स्वीकार किया कि युद्ध के कारण पेट्रोल और डीजल की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे दुनिया भर में ईंधन का संकट पैदा हो गया है।

भारत की तैयारी: पीएम ने भरोसा दिलाया कि भारत अपनी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और पिछले 10 वर्षों में विकसित की गई क्षमताओं के दम पर इन चुनौतियों का मजबूती से सामना कर रहा है।

ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा पर है पैनी नजर

'मन की बात' से पहले प्रधानमंत्री ने एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें देश की तैयारियों की समीक्षा की गई। पेट्रोलियम, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली क्षेत्र की समीक्षा की गई ताकि युद्ध के कारण सप्लाई चेन में कोई बड़ी बाधा न आए। बैठक में उर्वरकों की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इस क्षेत्र से आयात करता है। साथ ही सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी की है, जिसका मुख्यमंत्रियों ने भी स्वागत किया है।

अब तक 4.26 लाख भारतीयों की हुई घर वापसी

सरकार ने युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए 'ऑपरेशन' तेज किया हुआ है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक 4.26 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। अकेले ईरान से लगभग 1,000 भारतीयों को निकाला गया है, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं। इन्हें आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते वापस लाया गया। कुवैत और बहरीन का एयरस्पेस बंद होने के कारण, भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते से लाया जा रहा है।

भारत सरकार ने खाड़ी देशों में फंसे अपने नागरिकों की मदद के लिए कई स्तरों पर तंत्र सक्रिय किया है। सभी प्रभावित देशों में भारतीय दूतावासों ने 24/7 हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।

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