Hydrogen Trials Routes: दिल्ली-आगरा से मुंबई-पुणे तक... देश के उन 10 रूटों की फुल लिस्ट जहां शुरू हुआ हाइड्रोजन ट्रायल, जानिए क्या है पूरी तैयारी

Hydrogen Trials Routes: गांधीनगर में आयोजित प्रवास 5.0 और भारत प्रवास अवार्ड्स कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि हाइड्रोजन ही परिवहन उद्योग का भविष्य है। उन्होंने इस दौरान बताया कि सरकार देश भर के 10 महत्वपूर्ण रूटों पर ईंधन के रूप में इसके इस्तेमाल का ट्रायल कर रही है

अपडेटेड Jul 10, 2026 पर 11:51 AM
Hydrogen Trials Routes: नितिन गडकरी ने कहा कि बायोफ्यूल के क्षेत्र में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बहुत शानदार काम कर रही है

Hydrogen Trials Routes: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने परिवहन उद्योग के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन पेश किया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, गांधीनगर में आयोजित प्रवास 5.0 और भारत प्रवास अवार्ड्स कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की है कि हाइड्रोजन ही परिवहन उद्योग का भविष्य है। उन्होंने इस दौरान बताया कि सरकार देश भर के 10 महत्वपूर्ण रूटों पर ईंधन के रूप में इसके इस्तेमाल का ट्रायल कर रही है।

नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि वैकल्पिक ईंधन और बायोफ्यूल के क्षेत्र में भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री बहुत शानदार काम कर रही है। आने वाले समय में भारत अपनी बेहतरीन तकनीक और किफायती लागत के दम पर इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करेगा।

देश के वे 10 रूट जहां चल रहा है हाइड्रोजन का ट्रायल


केंद्रीय मंत्री के मुताबिक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय जिन 10 रूटों पर हाइड्रोजन ईंधन का पायलट प्रोजेक्ट चला रहा है, उनकी पूरी लिस्ट यहां नीचे देखिए-

ग्रेटर नोएडा-दिल्ली-आगरा

पुणे-मुंबई

साहिबाबाद-फरीदाबाद-दिल्ली

अहमदाबाद-वडोदरा-सूरत

जामनगर-अहमदाबाद

भुवनेश्वर-कोणार्क-पुरी

जमशेदपुर-कलिंगा नगर

तिरुवनंतपुरम-कोच्चि

कोच्चि-एडपल्ली

नेशनल हाईवे-16 विशाखापट्टनम-बय्यावराम

नंबर 1 बनने की ओर भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, 4.5 करोड़ नौकरियां

नितिन गडकरी ने देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की अभूतपूर्व तरक्की के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला था तब देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था और यह वैश्विक स्तर पर 7वें स्थान पर थी। आज यह 22 लाख करोड़ रुपये के आकार के साथ दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच चुकी है। हमारा लक्ष्य जल्द से जल्द दुनिया में पहले स्थान पर पहुंचना है।

यह इंडस्ट्री केंद्र और राज्य सरकारों को सबसे ज्यादा राजस्व देती है और इसके जरिए देश में 4.5 करोड़ नौकरियां पैदा हुई हैं। भारत के टू-व्हीलर निर्माता आज अपनी सुरक्षा और तकनीक के दम पर 50 प्रतिशत उत्पाद विदेशों में बेच रहे हैं।

सड़क सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता, हर साल 1.80 लाख मौतें

सड़क सुरक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्री ने गंभीर आंकड़े पेश किए और ट्रांसपोर्टर्स व निर्माताओं से मदद की अपील की। देश में हर साल 5 लाख सड़क हादसे होते हैं जिनमें 1.80 लाख लोगों की जान चली जाती है। इन हादसों में जान गंवाने वाले लोगों में से 66 प्रतिशत लोग 18 से 36 वर्ष की आयु वर्ग के होते हैं। इन दुर्घटनाओं के कारण देश को 3 प्रतिशत जीडीपी का नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए सड़क सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बस निर्माताओं को बड़ी राहत, टेस्टिंग चार्ज 50% घटेगा

नितिन गडकरी ने बसों की संख्या बढ़ाने उनकी सुरक्षा और निर्माताओं को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। देश में सालाना 3 लाख बसों की जरूरत है लेकिन हमारे निर्माता सिर्फ 70000 से 80000 बसें ही बना पा रहे हैं। उत्पादकता को तीन गुना बढ़ाना होगा। निर्माताओं का कर्तव्य है कि वे विश्व स्तरीय तकनीक के साथ उचित आर्थिक मूल्य पर अधिक आराम प्रदान करें। पिछले साल सितंबर में संशोधित बस बॉडी कोड लागू किया गया था।

अब सरकार ने 600 से अधिक बस बॉडी निर्माता इकाइयों (जिसमें 75000 कर्मचारी कार्यरत हैं) को राहत देते हुए टेस्टिंग चार्ज को 50 प्रतिशत कम करने और प्रोसेसिंग की समयसीमा को 16 सप्ताह से घटाकर 6 सप्ताह करने का निर्णय लिया है। गडकरी ने इलेक्ट्रिक बस निर्माताओं से अपील की कि वे लिथियम-आयन बैटरी की घटी हुई कीमतों का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं।

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उन्होंने कहा कि वर्तमान में चार्जिंग के लिए 20 रुपये की बिजली दर अधिक है। उनका मंत्रालय बसों, ट्रकों व कारों के लिए इसे कम करने पर काम कर रहा है। मंत्रालय देश में प्राइवेट बसपोर्ट बनाने पर काम कर रहा है। इसके अलावा ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे के निर्माण से यात्रा का समय कम होगा जिससे ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री का टर्नओवर और मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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