Delhi AQI Today: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार यानी आज सुबह धुंध की जहरीली मोटी चादर छाई हुई है। वायु गुणवत्ता के 'गंभीर' श्रेणी में रहने के कारण राजधानी को घने स्मॉग ने अपने चपेट में ले लिया है। सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 6 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 462 दर्ज किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में सभी 40 मॉनिटरिंग स्टेशनों ने वायु गुणवत्ता को 'रेड' जोन में दिखाया, जो यह दर्शाता है कि AQI 'गंभीर' श्रेणी में है। उत्तर पश्चिम दिल्ली में रोहिणी का AQI 499, उसके बाद जहांगीरपुरी और विवेक विहार में 495 दर्ज किया गया, जो 500 की गंभीर सीमा के करीब हैं।
AQI रेंज और उसका स्वास्थ्य पर प्रभाव
401 - 500(गंभीर): गंभीर श्वसन प्रभाव, आपातकालीन स्वास्थ्य चेतावनी।
201 - 300(खराब): सांस संबंधी बीमारी हो सकती है।
101 - 200(मध्यम): संवेदनशील लोगों को सांस लेने में तकलीफ।
51 - 100(संतोषजनक): न्यूनतम प्रभाव।
0 - 50(अच्छा): कोई प्रभाव नहीं।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के स्तर से निपटने के लिए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान-3 (GRAP-3) के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को और कड़ा करते हुए GRAP-4 लागू कर दिया है। CAQM की उप-समिति ने क्षेत्र में वायु गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकने के प्रयास में, तत्काल प्रभाव से पूरे NCR में GRAP की स्टेज-IV ('गंभीर+' वायु गुणवत्ता, AQI > 450) के तहत सभी कार्रवाई करने का निर्णय लिया। आपको बता दें कि GRAP-4 लागू होने के बाद निर्माण कार्यों, गैर-जरूरी ट्रकों के प्रवेश और कुछ औद्योगिक गतिविधियों पर और अधिक कठोर प्रतिबंध लग जाते हैं।
CAQM ने बताया कि राजधानी में AQI बिगड़ने में मुख्य योगदान स्थानीय उत्सर्जन नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत की ओर आ रहा कमजोर पश्चिमी विक्षोभ है, जो हवा के बहाव को धीमा कर रहा है।
GRAP-4 में किन-किन गतिविधियों पर लगता है प्रतिबंध?
परिवहन पर प्रतिबंध: आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों को छोड़कर, सभी डीज़ल-संचालित मध्यम और भारी माल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध है; केवल LNG, CNG, इलेक्ट्रिक और BS-VI डीजल ट्रक ही अपवाद हैं।
निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण रोक: अर्थवर्क, उत्खनन, पाइलिंग और स्ट्रक्चरल कार्य सहित सभी प्रकार की निर्माण और तोड़फोड़ (C&D) गतिविधियों को बंद कर दिया जाता है।
उद्योगों का संचालन बंद: कोयला, फर्नेस ऑयल या अन्य गैर-अनुमोदित ईंधन का उपयोग करने वाले उद्योगों के साथ-साथ स्टोन क्रशर, ब्रिक क्लिन और हॉट मिक्स प्लांट के संचालन पर भी रोक लगाई जाती है।
डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध: आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर, डीजल जनरेटर सेट (DGs) के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाता है।
खुला दहन निषेध: कचरा, बायोमास या किसी भी अन्य सामग्री को खुली जगह पर जलाने पर सख्त प्रतिबंध होता है।