Delhi AQI Today: देश की राजधानी दिल्ली का आसमान इन दिनों सफेद कोहरे से नहीं, बल्कि जहरीले धुंध की चादर से ढका हुआ है। प्रदूषण का स्तर 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी की ओर बढ़ रहा है, जिससे हर सांस के साथ लोगों के फेफड़ों में जहर घुल रहा है। आज सुबह दिल्ली का औसत AQI 393 दर्ज किया गया, लेकिन कई इलाकों में यह 450 के पार जा चुका है।
कहां कितनी जहरीली है हवा?
दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता 'खतरनाक' स्तर पर पहुंच गई है। यहां मुख्य हॉटस्पॉट्स के आंकड़े दिए गए हैं:
NCR भी प्रदूषण की चपेट में
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, पड़ोसी शहरों का हाल भी बेहाल है:
'नो पीयूसी, नो फ्यूल': दिल्ली में लगीं सख्त पाबंदियां
प्रदूषण के स्तर को देखते हुए प्रशासन ने 'इमरजेंसी' जैसे कदम उठाए हैं:
दिल्ली के बाहर से आने वाले उन निजी वाहनों पर रोक लगा दी गई है जो BS-6 मानक से नीचे हैं। अब पेट्रोल पंपों पर बिना वैध PUC (प्रदूषण कंट्रोल प्रमाणपत्र) के ईंधन नहीं दिया जा रहा है। वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली (AQEWS) के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रदूषण और बढ़ सकता है।
क्यों बिगड़ रहे हैं हालात?
विशेषज्ञों के अनुसार, हवा की सुस्त रफ्तार और बढ़ती ठंड ने दिल्ली को 'गैस चैंबर' बना दिया है। हवा की गति कम होने से प्रदूषक कण जमीन के करीब जम जाते हैं। वाहनों का धुआं, फैक्ट्रियों का उत्सर्जन और निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल आग में घी का काम कर रही है। पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं का धुआं अब भी दिल्ली की हवा को जहरीला बना रहा है।
क्या करें और क्या न करें?
डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
मास्क जरूरी: घर से बाहर निकलते समय केवल N95 या N99 मास्क का ही उपयोग करें।
आउटडोर एक्टिविटी बंद: सुबह की सैर और बाहर कसरत करने से बचें, क्योंकि सुबह प्रदूषक तत्व जमीन के सबसे करीब होते हैं।
अंदर रहें: बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा समय घर के अंदर ही रखें और खिड़की-दरवाजे बंद रखें।
प्यूरीफायर: अगर संभव हो, तो घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।