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'जिसे सब समझते थे कचरा, उसी से कमा लिए करोड़ों'! इस कपल को पहाड़ों की सैर से आया था बिजनेस आइडिया

Plastic Waste Startup: दिल्ली के एक कपल ने जिसे लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं, उसी से एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। पहाड़ों की एक यात्रा से शुरू हुई उनकी सोच ने आज बड़े-बड़े ब्रांड्स को अपना मुरीद बना लिया है। 3.5 लाख किलो से भी ज्यादा कचरा समेटकर ₹1 करोड़ से अधिक की कमाई करने वाले इस पति-पत्नी का बिजनेस मॉडल आखिरकार क्या है? जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Oct 05, 2026 पर 3:46 PM
'जिसे सब समझते थे कचरा, उसी से कमा लिए करोड़ों'! इस कपल को पहाड़ों की सैर से आया था बिजनेस आइडिया
इनकी कमाई का मॉडल सिर्फ एक प्रोडक्ट बेचने तक सीमित नहीं है

Plastic Waste Startup: दिल्ली में प्लास्टिक कचरा एक बड़ी समस्या है, लेकिन पति-पत्नी की एक जोड़ी ने इसी कचरे को अपने बिजनेस के लिए रॉ मटीरियल में बदल दिया। सोनल शुक्ला और वैभव वर्मा ने 2020 में Econscious की शुरुआत की। प्लास्टिक कचरे को सिर्फ कूड़ा समझने के बजाय, उन्होंने इसे काम की चीज़ोंचीजों में बदलने का एक मॉडल तैयार किया।

आज उनकी कंपनी प्लास्टिक कचरे से पार्क बेंच, डस्टबिन, प्लांटर और आम लोगों के इस्तेमाल की दूसरी चीजें बनाती है। इस कंपनी की शुरुआत महामारी के दौरान प्लास्टिक कचरे की बढ़ती समस्या को देखते हुए की गई थी।

ट्रेक के दौरान आया आइडिया

पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय, सोनल और वैभव ने देखा कि हर तरफ प्लास्टिक का कचरा फैला हुआ था। इस बात ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि कचरे को लैंडफिल में फेंकने के बजाय किसी काम की चीज़ में कैसे बदला जा सकता है। अपनी टेक्निकल जानकारी का इस्तेमाल करते हुए, उन्होंने प्लास्टिक कचरे को रीसायकल करके नए प्रोडक्ट बनाने पर काम करना शुरू किया। बता दें कि सोनल शुक्ला और वैभव वर्मा, दोनों ने NIT कुरुक्षेत्र से M.Tech किया है।

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