नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा बनाए गए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस का शुभारंभ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर अब मात्र 2.30 घंटे में तय किया जा सकेगा। वहीं दिल्ली से देहरादून के सफर में लगने वाले समय के घटने के बाद इसका एक और बड़ा फायदा यात्रियों को मिला है। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर चलने वाली वॉल्वो और एसी बसों का किराया अब घट गया है। उत्तराखंड परिवहन निगम ने करीब 16 बसों का संचालन वाया एक्सप्रेसवे शुरू कर दिया गया है।
जानें अब कितना लगेगा किराया
बता दें कि, उत्तराखंड रोडवेज ने देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर चलने वाली वॉल्वो और एसी बसों का किराया तय कर दिया है। अब यात्रियों को देहरादून से दिल्ली तक वॉल्वो बस के लिए 709 रुपये और एसी बस के लिए 557 रुपये देने होंगे। वहीं साधारण बस का किराया 355 रुपये होगा। पुराने रूट (वाया रुड़की) से वॉल्वो का किराया 945 रुपये और एसी बस का 704 रुपये और साधारण बस का किराया 420 रुपये था। वॉल्वो का किराया 236 रुपये और एसी बस का 147 और साधारण बस का किराया 355 रुपये कम हुआ है। नए एक्सप्रेस-वे से देहरादून से दिल्ली की दूरी 215 किमी रह गई है। इसी आधार पर किराया निर्धारित किया गया है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की खासियत
बता दें कि, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे 6 लेन का हाईटेक रोड है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इसकी डिजाइन 120 किमी प्रति घंटे की स्पीड के हिसाब से बनाई गई है, हालांकि 100 किमी के अंदर स्पीड रखना जरूरी है। इस हाईवे की सबसे बड़ी खासियत इसका लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो जानवरों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाया गया है। इसके अलावा शुरुआती 18 किलोमीटर तक यात्रियों को टोल भी नहीं देना होगा, जिससे आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। पहले जहां नेशनल हाईवे-58 पर ट्रैफिक जाम के चलते 6 से 7 घंटे लगते थे, वहीं अब यह एक्सप्रेस-वे सफर को तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाएगा। कुल मिलाकर, दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे बनने से लोगों को काफी राहत मिली है। साथ ही इस एक्सप्रेसवे ने विकास का एक नया रास्ता भी खोल दिया है।