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Delhi Fire: जहां खाक हो गईं 21 जिंदगियां, वहां 'फरिश्ता' बनकर आए रियाजुद्दीन ने बचा लीं कई सांसें, बिछा दिए ₹2 लाख के गद्दे!

Malviya Nagar Hotel Fire: इस दर्दनाक हादसे ने 21 मासूम जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया, लेकिन मौत के इस तांडव के बीच इंसानियत और बहादुरी की एक ऐसी मिसाल भी देखने को मिली, जिसने सबका दिल जीत लिया। होटल की आग भले ही बुझ चुकी है, लेकिन अपनों को खोने वाले परिवारों के दिलों में लगी आग और रियाजुद्दीन जैसी इंसानियत की कहानी को दिल्ली कभी नहीं भूल पाएगी

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Jun 04, 2026 पर 2:41 PM
Delhi Fire: जहां खाक हो गईं 21 जिंदगियां, वहां 'फरिश्ता' बनकर आए रियाजुद्दीन ने बचा लीं कई सांसें, बिछा दिए ₹2 लाख के गद्दे!
Delhi Fire: 'फरिश्ता' बनकर आए रियाजुद्दीन ने बचा ली कई सांसें, बिछा दिए अपने 2 लाख के गद्दे!

बुधवार का वो दिन दिल्ली के मालवीय नगर के लिए एक ऐसा खौफनाक मंजर लेकर आया, जिसे याद कर आज भी लोगों की रूह कांप उठती है। इलाके के 'होटल फ्लोरिस स्टे' में अचानक लगी भीषण आग ने देखते ही देखते सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया। चारों तरफ सिर्फ काला धुआं, जलती लपटें और जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते बेबस लोग थे। इस दर्दनाक हादसे ने 21 मासूम जिंदगियों को हमेशा के लिए छीन लिया, लेकिन मौत के इस तांडव के बीच इंसानियत और बहादुरी की एक ऐसी मिसाल भी देखने को मिली, जिसने सबका दिल जीत लिया।

मौत के साए में जब मसीहा बने रियाजुद्दीन

जब होटल के कमरों में फंसे लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे, तब उनके लिए रियाजुद्दीन नाम के एक शख्स फरिश्ता बनकर सामने आए। रियाजुद्दीन की होटल वाली गली के पास ही गद्दों की दुकान है।

जैसे ही उन्होंने देखा कि अंदर फंसे लोग जान बचाने के लिए बेबसी में खिड़कियों से नीचे कूद रहे हैं, उन्होंने एक पल भी नहीं गंवाया। रियाजुद्दीन ने नफे-नुकसान का कोई हिसाब नहीं लगाया और अपनी दुकान से '2 लाख रुपये' के गद्दे निकालकर तुरंत सड़क पर बिछा दिए।

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