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Malviya Nagar Fire: दो लाख के गद्दे कुर्बान कर बचाई 8 लोगों की जान, अब रियाजुद्दीन ने सरकार से लगाई ये गुहार

Delhi Malviya Nagar Fire : हादसे के दौरान कई स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग में फंसे लोगों की मदद की। आमिर खान, मोहम्मद शोएब, वसीम राजा और मोहम्मद अफजल की खास तौर पर सराहना की जा रही है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा गया कि "जब व्यवस्था नाकाम साबित हुई, तब ये लोग मदद के लिए सबसे पहले मौके पर पहुंचे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 05, 2026 पर 9:55 AM
Malviya Nagar Fire: दो लाख के गद्दे कुर्बान कर बचाई 8 लोगों की जान, अब रियाजुद्दीन ने सरकार से लगाई ये गुहार
रियाजुद्दीन ने पेश की इंसानियत की मिसाल, 2 लाख के गद्दे कुर्बान कर बचाई 8 लोगों की जान

Delhi Malviya Nagar Fire  : दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार की सुबह एक होटल में लगी आग में कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है जिनमें से 11 विदेशी नागरिक हैं। होटल के पास दुकान चलाने वाले कुछ लोगों की सूझबूझ से कई लोगों की जानें बचाई जा सकीं। रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे अरमान मंसूरी ने लोगों की जान बचाने के लिए अपनी दुकान खाली कर दी, ताकि आग से बचने के लिए होटल से कूदने वाले लोग सुरक्षित नीचे उतर सकें। जान बचाने की इस कोशिश में उनकी दुकान को काफी नुकसान हुआ।

रियाजुद्दीन मंसूरी का कहना है कि इस दौरान उन्हें 2 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। अब रियाजुद्दीन मंसूरी सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी परवाह किए बिना लोगों की जान बचाने में मदद की, इसलिए उनके नुकसान की भरपाई की जानी चाहिए।

रियाजुद्दीन मंसूरी इस हादसे में मदद करने वाले अकेले व्यक्ति नहीं थे। सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के अनुसार, आमिर खान, मोहम्मद शोएब, वसीम राजा और मोहम्मद अफजल समेत कई स्थानीय लोगों ने भी सरकारी सहायता पहुंचने से पहले मौके पर पहुंचकर लोगों को बचाने में मदद की। एक सोशल मीडिया पोस्ट में इस घटना को लेकर लिखा गया, "मदद पहुंचने से पहले इंसानियत पहुंच गई थी।"

रियाजुद्दीन मंसूरी का कहना है कि होटल मालिकों ने कारोबार से मुनाफा कमाया, लेकिन कथित लापरवाही के कारण आग लगने का खामियाजा आसपास के लोगों को भुगतना पड़ा। इसी वजह से वे अपने नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। हादसे के दौरान होटल की ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग नीचे खड़े लोगों से पूछ रहे थे कि क्या उन्हें जान बचाने के लिए कूद जाना चाहिए। ऐसे में मंसूरी के बेटे अरमान ने तुरंत अपनी दुकान से 20 से 25 गद्दे और रजाइयां निकालकर सड़क पर बिछा दीं। इन गद्दों की मदद से करीब आठ लोगों ने ऊपर से छलांग लगाई और उनकी जान बच गई। इतना ही नहीं, दुकान में रखी चादरों का इस्तेमाल घायलों और मृतकों को बाहर निकालने के लिए भी किया गया। स्थानीय लोगों की इस बहादुरी और तत्परता ने कई लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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