दिल्ली-NCR की हवा में हुआ सुधार, GRAP-3 के तहत लगाए गए प्रतिबंध हटे, इन कामों पर लगी रोक हटी

दिसंबर में जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर स्टेज-III यानी ‘गंभीर’ स्तर (401–450) पर पहुंच गया, तब इस चरण के तहत सभी जरूरी उपाय लागू किए गए। AQI बढ़ने की वजह धीमी हवा, वातावरण का स्थिर रहना और मौसम की अनुकूल न होने वाली स्थिति थी, जिससे प्रदूषक हवा में फैल नहीं पाए और प्रदूषण ज्यादा बढ़ गया

अपडेटेड Jan 02, 2026 पर 8:23 PM
Story continues below Advertisement
दिल्ली-NCR की हवा में हुआ सुधार, GRAP-3 के तहत लगाए गए प्रतिबंध हटे

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली NCR और आसपास के इलाकों में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने शुक्रवार को एयर क्वालिटी में सुधार के मद्देनजर GRAP-III के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया है। अधिकारी ने बताया, "NCR में मौजूदा GRAP के चरण 1 और 2 के तहत सभी कार्रवाइयां लागू रहेंगी।"

अधिकारी ने बताया, "दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), जो गुरुवार को 380 दर्ज किया गया था, उसमें शुक्रवार शाम 4 बजे तक जबरदस्त सुधार हुआ है और यह 236 दर्ज किया गया है, जो एक सकारात्मक रुझान दिखाता है। एयर क्वालिटी के मौजूदा रुझान को देखते हुए, GRAP पर CAQM उप-समिति ने पूरे NCR में मौजूदा GRAP के फेज-3 के तहत सभी प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का निर्णय लिया है।"

हालांकि, आयोग एयर क्वालिटी मानकों को बनाए रखने के लिए GRAP के चरण 1 और 2 के तहत उपायों को लागू रखेगा। दिल्ली-NCR गंभीर प्रदूषण स्तर से जूझ रहा है।


दिसंबर में जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर स्टेज-III यानी ‘गंभीर’ स्तर (401–450) पर पहुंच गया, तब इस चरण के तहत सभी जरूरी उपाय लागू किए गए। AQI बढ़ने की वजह धीमी हवा, वातावरण का स्थिर रहना और मौसम की अनुकूल न होने वाली स्थिति थी, जिससे प्रदूषक हवा में फैल नहीं पाए और प्रदूषण ज्यादा बढ़ गया।

GRAP-3 के तहत क्या-क्या प्रतिबंधित है?

GRAP स्टेज-3 लागू होने पर गंभीर वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई गतिविधियों पर रोक लगा दी जाती है:

  • गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ का काम जैसे मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, खुली नालियां खोदना, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टर, टाइल या फर्श लगाने का काम और रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट का संचालन।
  • कच्ची (बिना पक्की) सड़कों पर सीमेंट, रेत और फ्लाई ऐश जैसे निर्माण सामग्री का परिवहन।
  • स्टोन क्रशर, ईंट भट्टे और खनन गतिविधियां।
  • BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहन।
  • गैर-जरूरी डीजल से चलने वाले मध्यम मालवाहक वाहन।
  • अंतर-राज्य डीजल बसें जो CNG, बिजली या BS-VI मानकों पर नहीं चलतीं।
  • ऐसी इंडस्ट्री, जो बिना मंजूरी वाले ईंधन का इस्तेमाल करते हैं।

इन सभी प्रतिबंधों का उद्देश्य गंभीर प्रदूषण के समय हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।