Indore Protest: मध्य प्रदेश के सबसे स्वच्छ और हाई टेक सिटी इंदौर में एक 'घंटा' गिरफ्तार हो गया है। ये बात आपको सुनने में थोड़ी अजीब लग रही होगी, लेकिन सच्चाई यही है। दूषित पानी पीने से हुई 15 मौतों के बाद जब लोग नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे तभी यह दिलचस्प वाकया देखने को मिला। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में 'घंटे' के गिरफ्तार होने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। लोग चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि इंदौर पुलिस समस्याओं को सुलझाने से ज्यादा तेजी से 'घंटा' गिरफ्तार करने में माहिर है।
शुक्रवार को इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के विरोध में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता नगर निगम मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी अपने साथ एक बड़ा 'घंटा' लेकर आए थे, जिसे वे प्रशासन को जगाने के लिए बजाना चाहते थे। उसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने प्रदर्शनकारियों के हाथ से वह 'घंटा' झपट लिया और उसे लेकर तेजी से थाने की ओर चल दिया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 21 कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और 'घंटा' कनेक्शन
इस वीडियो के वायरल होने के पीछे एक बड़ी वजह स्थानीय विधायक और वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का हालिया बयान भी है। बीते बुधवार रात एक टीवी पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए विजयवर्गीय ने 'घंटा' शब्द का इस्तेमाल किया था जिसका बोलचाल की भाषा में अर्थ 'बकवास' या 'कुछ नहीं' से निकाला जाता है। बयान पर विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने इस शब्द के इस्तेमाल पर खेद व्यक्त किया था। अब पुलिस द्वारा असली 'घंटा' छीने जाने के वीडियो को लोग मंत्री जी के उस बयान से जोड़कर मीम्स बना रहे है और खूब मौज काट रहे हैं।
इंदौर में गंदे पानी ने ली 15 की जान
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण 15 लोगों की मौत हो चुकी है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट और सीएमएचओ माधव हसानी ने स्पष्ट किया है कि पाइपलाइन में लीकेज की वजह से घरों में आने वाला पानी प्रदूषित हुआ, जिससे लोगों में गंभीर इन्फेक्शन फैला। इस त्रासदी की चपेट में अब तक 2800 से ज्यादा लोग आ चुके हैं, जिनमें से 201 मरीजों का उपचार अभी भी विभिन्न अस्पतालों में जारी है। स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, गंदा पानी ही मौतों और बीमारी की मुख्य वजह है।