AI Impact Summit: दिल्ली में चल रहे AI समिट में चोरी...गायब हो गए डिवाइस, पुलिस ने दर्ज की FIR

AI Impact Summit: नियोसैपियन के सह-संस्थापक और CEO धनंजय यादव ने दावा किया कि उनकी कंपनी का AI वियरेबल डिवाइस समिट स्थल पर लगे बूथ से उस समय गायब हो गए, जब प्रधानमंत्री के दौरे से पहले एग्जीबिटर्स को अस्थायी रूप से जगह खाली करने के लिए कहा गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और समिट स्थल के CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है

अपडेटेड Feb 17, 2026 पर 11:18 PM
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AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एक AI वियरेबल डिवाइस की कथित चोरी के मामले में FIR दर्ज हुई है।

राजधानी दिल्ली नें चल रहे  AI इम्पैक्ट समिट भारत के लिए एक बड़ा टेक इवेंट है। यहां दुनिया भर से टेक एक्सपर्ट्स, पॉलिसी मेकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स पहुंचे हैं। वहीं इतने बड़े इवेंट में टेक्नोलॉजी से जुड़ी कुछ दिक्कतें भी सामने आईं। वहीं दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान एक AI वियरेबल डिवाइस की कथित चोरी के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई बेंगलुरु के एक स्टार्टअप के संस्थापक के आरोप के बाद की गई। उनका कहना है कि समिट के पहले दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले सुरक्षा जांच के दौरान उनकी कंपनी का AI प्रोडक्ट स्टॉल से गायब हो गया।

स्टॉल से गायब हो गए डिवाइस

नियोसैपियन के को-फाउंडर और CEO धनंजय यादव ने दावा किया कि उनकी कंपनी का AI वियरेबल डिवाइस समिट स्थल पर लगे बूथ से उस समय गायब हो गए, जब प्रधानमंत्री के दौरे से पहले एग्जीबिटर्स को अस्थायी रूप से जगह खाली करने के लिए कहा गया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और समिट स्थल के CCTV फुटेज की भी जांच की जा रही है।


लोगों को हुई काफी परेशानी

नियोसैपियन के सह-संस्थापक और CEO धनंजय यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घटना को “चौंकाने वाला” बताया। उन्होंने कहा कि इंडिया AI इम्पैक्ट समिट का पहला दिन उनकी कंपनी के लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोपहर 2 बजे के तय दौरे से पहले, करीब 12 बजे सुरक्षा कर्मी स्थल को सैनिटाइज करने और घेराबंदी करने पहुंचे। इस दौरान एग्जीबिशन एरिया को खाली कराया जाने लगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को समझाने की कोशिश की कि नियोसैपियन ने भारत का पहला पेटेंटेड AI वियरेबल डिवाइस तैयार किया है। यह डिवाइस बातचीत को ट्रैक करने और भावनाओं का विश्लेषण करने में सक्षम है। उनका कहना है कि इसी प्रक्रिया के दौरान उनका AI वियरेबल डिवाइस स्टॉल से गायब हो गया। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।

अश्विनी वैष्णव ने मांगी माफी

धनंजय यादव ने सवाल उठाया कि जब एग्ज़िबिशन एरिया में उस समय सिर्फ सुरक्षा कर्मियों और आधिकारिक लोगों को ही जाने की अनुमति थी, तो चोरी कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा, “अगर अंदर सिर्फ़ सिक्योरिटी और अधिकृत लोग ही थे, तो फिर यह घटना कैसे हुई? यह हमारे लिए बेहद निराशाजनक है।” इस बीच, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समिट के पहले दिन हुई परेशानियों और भारी भीड़ के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगी। भारत मंडपम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि पहले दिन उम्मीद से कहीं ज़्यादा लोग पहुंचे। उनके अनुसार, सिर्फ पहले दिन ही 70,000 से अधिक लोग वेन्यू पर आए, जिससे लॉजिस्टिक समस्याएं पैदा हुईं।

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