पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के नौ लोगों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि इमारत में आग लगने के बाद छत पर जाने वाला दरवाजा बंद था, जिसके कारण परिवार बाहर नहीं निकल सका और अंदर ही फंस गया। यह आग सुबह करीब 3:30 से 4 बजे के बीच लगी, जब ज्यादातर लोग सो रहे थे। देखते ही देखते आग पूरी इमारत में फैल गई, जिससे लोगों को संभलने और बाहर निकलने का बहुत कम समय मिला।
बताया जा रहा है कि घर में डिजिटल लॉक (इलेक्टॉनिक लॉक) लगा हुआ था, जो आग लगने के बाद काम नहीं कर पाया। बाहर निकलने की कोशिश में परिवार दरवाजे तक पहुंचा, लेकिन लॉक नहीं खुला।
पुलिस के मुताबिक, शाहदरा की इस रिहायशी इमारत में लगी आग में एक छोटे बच्चे की भी मौत हुई है। बचाव अभियान के दौरान एक दर्जन से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शाहदरा के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 10 से 15 लोगों को बचाया गया, जबकि दो से तीन घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और मौके पर तलाशी अभियान अभी भी जारी है।
बिल्डिंग की बनावट कैसे बना मौत का कारण?
शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत में बाहर निकलने के लिए केवल एक ही सीढ़ी थी और कोई अलग आपातकालीन निकास मौजूद नहीं था। ऐसे में आग लगने के बाद लोगों के पास बचकर निकलने का दूसरा रास्ता नहीं बचा। बताया जा रहा है कि छत पर जाने वाली सीढ़ी का दरवाजा भी बंद था, जबकि खिड़कियों पर लगी लोहे की ग्रिलों ने लोगों की आवाजाही को और मुश्किल बना दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोग न तो छत तक पहुंच पाए और न ही इमारत से बाहर निकल सके, क्योंकि आग बहुत तेजी से पूरे भवन में फैल गई थी।
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन इमारत के निकास रास्ते बंद होने की वजह से बचाव कार्य में काफी दिक्कत आई और लोगों तक पहुंचने में देरी हुई। विवेक विहार की इस चार मंजिला रिहायशी इमारत में हुए हादसे में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट या एयर कंडीशनर में हुए धमाके की वजह से लगी हो सकती है। हालांकि, आग लगने की असली वजह का पता लगाने के लिए जांच अभी जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे ने रिहायशी इमारतों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर बंद निकास रास्ते और आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने के सुरक्षित रास्तों की कमी को बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।