IndiGo Crisis: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में लगातार पांचवें दिन मची अफरा-तफरी के बाद विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। DGCA ने शनिवार को इंडिगो को दूसरा 'कारण बताओ नोटिस' जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। DGCA ने कहा कि बड़े पैमाने पर परिचालन विफलता यात्रियों के लिए गंभीर असुविधा, कठिनाई और संकट का कारण बनी है और इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
नियमों के उल्लंघन पर DGCA की आपत्ति
DGCA ने अपने नोटिस में ये जानकारी मांगी है कि आखिर परिचालन में यह भारी व्यवधान क्यों आया। नियामक ने कहा कि व्यवधान का प्राथमिक कारण स्वीकृत उड़ान ड्यूटी समय सीमा (FDTL) योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त व्यवस्था न करना था। DGCA ने पाया कि बड़े पैमाने पर परिचालन विफलताएं प्लानिंग, निरीक्षण और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक का संकेत देती हैं। यह प्रथम दृष्टया एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के नियम 42A और ड्यूटी अवधि, उड़ान ड्यूटी अवधि, उड़ान समय सीमा से संबंधित नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (CAR) के प्रावधानों के गैर-अनुपालन के बराबर है।
इंडिगो ने यात्रियों की भी की अनदेखी
DGCA ने यह भी पाया कि एयरलाइन ने उड़ानें रद्द होने या देरी होने की स्थिति में यात्रियों को दी जाने वाली अनिवार्य सुविधाएं प्रदान करने में भी चूक की है। नियामक के अनुसार, इंडिगो उड़ानें रद्द होने या देरी होने की स्थिति में यात्रियों को आवश्यक जानकारी और सुविधाएं प्रदान करने में विफल रही, जो CAR प्रावधानों के तहत अनिवार्य है।
DGCA ने यह नोटिस पोस्ट होल्डर अकाउंटेबल प्रबंधक को संबोधित किया है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं। CAR प्रावधानों के अनुसार संपूर्ण संचालन सुनिश्चित करने के लिए वही जिम्मेदार हैं। नियामक ने इंडिगो को नोटिस प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर कारण बताने का निर्देश दिया है कि उल्लंघन के लिए एयरक्राफ्ट रूल्स और CAR के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत उचित प्रवर्तन कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि 'निर्धारित अवधि के भीतर जवाब प्रस्तुत करने में विफलता की स्थिति में मामले पर एकतरफा फैसला लिया जाएगा।'
CEO पर पहले ही कार्रवाई, इस्तीफे की अटकलें
इससे पहले DGCA ने इंडिगो के परिचालन संकट के लिए सीधे तौर पर CEO पीटर एल्बर्स को जवाबदेह ठहराते हुए उन्हें पहला शो कॉज नोटिस जारी किया था। पहले नोटिस में नियामक ने कहा था कि सीईओ के रूप में आप एयरलाइन के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं, और आपने विश्वसनीय संचालन सुनिश्चित करने तथा यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में अपनी ड्यूटी में लापरवाही की है।
अधिकारियों के अनुसार, यह संकट ऑपरेशन में चूक के कारण पायलटों की अप्रत्याशित कमी से पैदा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस संकट के चलते इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को उनके पद से हटाने पर भी विचार कर रही है। इंडिगो का यह परिचालन आज भी जारी है और करीब 550 से ज्यादा उड़ाने कैंसिल है।