जयपुर में इस हफ्ते की शुरुआत में रहस्यमय तरीके से लापता हुए दो युवा जापानी पर्यटकों का मामला अब सुलझ गया है। पुलिस ने पुष्टि की है कि दोनों सुरक्षित अपने देश जापान लौट चुके हैं। इस खबर से पुलिस और पर्यटन विभाग ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह मामला कई दिनों से संवेदनशील बना हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों पर्यटक दिल्ली से टैक्सी लेकर जयपुर पहुंचे थे। उनका आगे रणथंभौर और आगरा घूमने का कार्यक्रम था। टैक्सी चालक पिकेंद्र कुमार, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और फिलहाल दिल्ली में रहता है, ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसने 7 फरवरी को दोनों को जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके के एक होटल पर छोड़ा था।
ड्राइवर के मुताबिक, उसी शाम पर्यटकों ने उसे बताया कि वे डिनर के लिए अशोक नगर इलाके जा रहे हैं। वे एक रेस्टोरेंट में गए, लेकिन उसके बाद वापस होटल नहीं लौटे। इसके बाद ही उनके लापता होने की जानकारी सामने आई थी। अब पुष्टि हो चुकी है कि दोनों सुरक्षित हैं और जापान वापस पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि टैक्सी ड्राइवर ने 8 फरवरी को अशोक नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उससे पहले वह पूरी रात और अगली सुबह तक इंतज़ार करता रहा।
शुरुआती जांच में पुलिस को पर्यटकों के बैग टैक्सी के अंदर ही मिले। बैग में उनके कपड़े, निजी सामान और जरूरी दस्तावेज मौजूद थे। इससे यह शक और गहरा गया कि वे अचानक कहीं चले गए थे। उनके पासपोर्ट की फोटोकॉपी के आधार पर उनकी पहचान हिबिक्की शिब्बा और युमा के रूप में हुई। दोनों 6 फरवरी को टूरिस्ट वीज़ा पर दिल्ली पहुंचे थे। पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में दोनों एक रेस्टोरेंट में जाते और कुछ मिनट बाद वहां से पैदल निकलते दिखाई दिए। लेकिन इसके बाद उनका कोई साफ सुराग नहीं मिल पाया।
अधिकारियों ने मामले की जांच के दौरान होटल स्टाफ, रेस्टोरेंट के कर्मचारियों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। साथ ही मोबाइल लोकेशन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और होटल बुकिंग से जुड़ी जानकारी भी खंगाली गई। टैक्सी में उनका सामान मिलने और उनसे संपर्क न हो पाने की वजह से चिंता बढ़ गई थी। इसलिए जांच टीम ने अपहरण, हादसा या खुद अपनी मर्जी से कहीं जाने जैसी सभी संभावनाओं पर जांच की। अब पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि दोनों पर्यटक सुरक्षित जापान पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही यह मामला खत्म हो गया है। अधिकारियों ने कहा कि यह नतीजा उनके लिए बड़ी राहत की बात है। इससे जांच के दौरान उठी सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी दूर हो गई हैं।