SIR Row: सरकार ने लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा से जुड़ी विपक्ष की मांग को मंगलवार (2 दिसंबर) को स्वीकार कर लिया। इससे शीतकालीन सत्र के शुरुआती दो दिनों से जारी गतिरोध के खत्म होने के आसार हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की बैठक में यह सहमति बनी कि राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की रचना के 150 साल पूरा होने के विषय पर सोमवार (8 दिसंबर) को तथा चुनावों सुधारों के मुद्दे पर मंगलवार (9 दिसंबर) एवं बुधवार (10 दिसंबर) को चर्चा होगी।
इस बैठक के बाद कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की भी बैठक हुई, जिसमें इन विषयों पर चर्चा कराने पर मुहर लगाई गई। चुनाव सुधारों पर बहस में पोल पैनल के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) वोटर रोल अपडेट का मुद्दा छाए रहने की उम्मीद है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे कई विपक्षी दल संसद में उठाने की मांग कर रहे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाद में X पर एक पोस्ट में शेड्यूल की पुष्टि करते हुए लिखा, "आज माननीय लोकसभा स्पीकर की अध्यक्षता में हुई ऑल पार्टी मीटिंग के दौरान, यह तय किया गया है कि सोमवार 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से लोकसभा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं सालगिरह पर और मंगलवार 9 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी।"
बैठक में यह भी तय किया गया कि आगामी सोमवार को सदन में वंदे मातरम पर चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। बिरला के साथ सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की बैठक में यह सहमति बनने के बाद लोकसभा में जारी गतिरोध खत्म होने के आसार हैं।
कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश ने पत्रकारों से कहा, "बीएसी की बैठक के बाद वंदे मातरम और चुनाव सुधारों पर चर्चा के बारे में फैसला किया गया। सोमवार को वंदे मातरम पर चर्चा होगी और इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री करेंगे। इसके बाद मंगलवार और बुधवार को चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी तथा जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाया जा सकता है।"
हालांकि विपक्ष SIR प्रोसेस और एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की मौत पर चिंता जता सकता है। हालांकि, सरकार बूथ कैप्चरिंग और वोटिंग के अधिकार से वंचित करने जैसे पुराने मुद्दों को उठा सकती है, और बता सकती है कि हाल के बिहार चुनावों के दौरान एक भी पोल रद्द नहीं किया गया या दोबारा पोल की जरूरत नहीं पड़ी।