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देश के बाहर चल रही उथलपुथल के बाद भी महंगाई दर पर काबू पाने में कामयाब रही मोदी सरकार

वित्त मंत्रालय ने भी कीमतों की काबू में रखने की पीएम मोदी की मुहिम में बखूबी अपना रोल निभाया। सभी मंत्रालयों से समन्वय कर वित्त मंत्रालय ने कृषि, खाद्य वस्तुएं, तेल, खाद सब्सिडी से लेकर उन तमाम चीजों पर आयात और निर्यात शुल्क लगाते रहे जिनसे आम आदमी पर असर पड़ रहा हो

Amitabh Sinhaअपडेटेड May 14, 2025 पर 4:15 PM
देश के बाहर चल रही उथलपुथल के बाद भी महंगाई दर पर काबू पाने में कामयाब रही मोदी सरकार
Retail inflation : महंगाई के मोर्चे पर देश की आम जनता को बड़ी राहत मिली है।

पूरा देश ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर जश्न मना रहा है। हमारी सेनाओं ने न सिर्फ पाकिस्तान के हमलों को नाकाम किया। बल्कि पलटवार भी ऐसा किया कि बिना उनकी सीमा में घुसे उन्हें तबाही का ऐसा मंजर दिखाया है कि पाकिस्तान के हौसले पस्त हो गए। एक्सपर्ट्स को लग रहा है कि इस ऑपरेशन के कारण मंहगाई बढ़ती चली जाएगी। लेकिन खुशी की लहर देश के इस आंतरिक फ्रंट पर भी है। पीएम मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि मंहगाई काबू में रहे। सरकार के लिए पीठ थपथपाने के लिए ये अच्छी खबर है कि अप्रैल 2025 में मंहगाई दर पिछले 6 साल में सबसे कम रही। मंहगाई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2025 में रिटेल मंहगाई दर 3.16 फीसदी तक पहुंच गई। ये जुलाई 2019 से अब तक 6 सालों की सबसे कम मंहगाई दर रही। ये आंकड़े साबित कर रहे है कि मंहगाई धीरे धीरे लगातार नीचे आ रही है।

UPA के दस साल की तुलना में मोदी सरकार के दस साल

वित्त वर्ष 2024-25 में रिटेल मंहगाई दर 4.6 फीसदी रही। ये 2018-19 के मुकाबले अब तक की सबसे कम मंहगाई दर रही। ये ताजा आंकड़े भी बता रहे हैं कि पिछले तीन साल में लगातार रिटेल मंहगाई दर में कमी आ रही है। यूपीए सरकार के दौर में मंहगाई दर 10 फीसदी तक जा पहुंची थी। यूपीए के दौर का ये संकट अब मोदी सरकार के लिए चिंता का विषय नहीं रहा है। ये कमाल है पीएम मोदी के सफल गवर्नेंस का और कीमतों को काबू में रखने के लिए पिछले एक दशक में उठायी गईं उनकी कोशिशों का।

2014 में जब से पीएम मोदी ने सत्ता संभाली है, रिटेल मंहगाई दर 8 फीसदी से आगे नहीं बढ़ी है। इसके विपरित यूपीए के दस साल के शासन काल में 2004-14 तक ये मंहगाई दर औसतन 8.1 फीसदी रही थी। और 2009-14 तक ये बढ़ कर 10.4 फीसदी तक जा पहुंची थी। यूपीए सरकार के दौरान जारी आंकड़ों पर मानें तो जनवरी 2012 से अप्रैल 2014 तक के 28 में से 22 महीनों में मंहगाई की दर 9 फीसदी रही और 10 से ज्यादा मंहगाई दर 9 बार से ज्यादा जा पहुंची थी।

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