EAM Jaishankar: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ 'क्रिटिकल मिनरल्स' बैठक के इतर एक महत्वपूर्ण मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद अब व्यापारिक वार्ताओं के विस्तृत विवरण पर काम चल रहा है। जयशंकर ने बताया कि यह मामला सीधे तौर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अधिकार क्षेत्र में है, जो अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के साथ सीधे संपर्क में हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही दोनों देश इस समझौते के सटीक सिद्धांतों और नियमों पर एक संयुक्त बयान जारी करेंगे।
मार्को रुबियो के साथ रणनीतिक साझेदारी पर की चर्चा
बैठक के दौरान जयशंकर और मार्को रुबियो ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने मोदी-ट्रंप व्यापार समझौते का स्वागत किया और इसे नए आर्थिक अवसर खोलने वाला बताया। चर्चा में व्यापार के अलावा ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक विषयों को शामिल किया गया। दोनों देशों ने Quad के माध्यम से बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाने और एक समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र की दिशा में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने की अपील
जयशंकर ने अमेरिका द्वारा आयोजित 'क्रिटिकल मिनरल्स' मंत्रिस्तरीय बैठक में भी हिस्सा लिया, जहां उन्होंने वैश्विक सप्लाई चेन के 'डी-रिस्किंग' यानी जोखिम कम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन का किसी एक जगह या देश में अत्यधिक केंद्रित होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। जयशंकर ने इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग की और अमेरिका द्वारा शुरू की गई नई पहल 'FORGE' का समर्थन किया, जो 'मिनरल सिक्योरिटी पार्टनरशिप' की अगली कड़ी है।
पीयूष गोयल जल्द ही कर सकते हैं औपचारिक घोषणा
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर जयशंकर ने कहा कि इसकी औपचारिक घोषणा और समय का विवरण वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ही देंगे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और अमेरिका अपने आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। जयशंकर के इस दौरे से स्पष्ट है कि भारत केवल व्यापारिक रियायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भविष्य की तकनीकों और संसाधनों जैसे- क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में भी अमेरिका के साथ एक मजबूत और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बनकर उभर रहा है।