Hajipur: बिहार के हाजीपुर में शनिवार देर रात एक बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। आसनसोल रेल मंडल के लाहाबन और सिमुलतला स्टेशनों के बीच एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। इस घटना के बाद हाजीपुर-बरौनी रेल खंड की 'अप' और 'डाउन' दोनों लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) के अनुसार, यह हादसा शनिवार रात करीब 11:25 बजे हुआ। खबर मिलते ही आसनसोल, मधुपुर और झाझा से 'दुर्घटना राहत ट्रेन' (ART) की टीमों को मौके पर रवाना किया गया। फिलहाल रेल लाइनों को साफ करने और डिब्बों को पटरी पर वापस लाने का काम 'युद्ध स्तर' पर चल रहा है ताकि रूट को जल्द से जल्द खोला जा सके। कई यात्री ट्रेनों के मार्ग में बदलाव या देरी की संभावना है।
दिसंबर में ट्रेन हादसों की हैट्रिक
बीते दिनों असम के होजाई जिले में एक बेहद दर्दनाक ट्रेन हादसा हुआ, जहां सैरांग-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस की टक्कर से 8 हाथियों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेन के इंजन समेत 5 कोच पटरी से उतर गए। गनीमत रही कि किसी भी यात्री को चोट नहीं आई, लेकिन वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुंचा।
16 दिसंबर को पश्चिम सिंहभूम जिले के गुआ में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की साइडिंग पर एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी। हालांकि, यह मुख्य लाइन से अलग था, इसलिए यात्री ट्रेनों पर असर नहीं पड़ा। SAIL और रेलवे की तकनीकी टीम ने मिलकर इसे बहाल किया था।
रेलवे के सामने बड़ी चुनौती
दिसंबर के महीने में लगातार हो रहे इन रेल हादसों ने रेलवे की सुरक्षा और मेंटेनेंस पर सवाल खड़े कर दिए है। कोहरे के मौसम के कारण पहले से ही ट्रेनें देरी से चल रही हैं, ऐसे में पटरी से उतरने की घटनाओं ने यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है। हाजीपुर हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि तकनीकी खराबी या मानवीय भूल का पता लगाया जा सके।