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'एकनाथ शिंदे की लॉटरी लग गई थी...': BJP मंत्री के बयान पर महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र के वन मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक गणेश नाइक ने शुक्रवार (17 अगस्त) को कहा कि एकनाथ शिंदे (वर्तमान उपमुख्यमंत्री) की लॉटरी लग गई थी। लॉटरी जीतना हर किसी की किस्मत में नहीं होता। लेकिन शिंदे जीते थे। आम लोग देख चुके हैं कि किसी व्यक्ति ने कैसे कोई पद हासिल किया और बरकरार रखा

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 17, 2025 पर 9:46 PM
'एकनाथ शिंदे की लॉटरी लग गई थी...': BJP मंत्री के बयान पर महाराष्ट्र की राजनीति में खलबली
Maharashtra Political Crisis: बीजेपी के मंत्री 2022 में एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति की ओर इशारा कर रहे थे

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र के वन मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक गणेश नाइक ने 2022 में शिवसेना प्रमुख के मुख्यमंत्री बनने की ओर इशारा करते हुए यह कहकर खलबली मचा दी कि वर्मतान में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की 'लॉटरी' लग गई थी। उन्होंने कहा कि लोग देख चुके हैं कि किसी व्यक्ति ने कैसे पद हासिल किया और बरकरार रखा। वह संभवतः 2022 में मुख्यमंत्री पद पर नियुक्ति की ओर इशारा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर कोई लॉटरी नहीं जीतता। लेकिन आम लोग देखते हैं कि कोई कैसे लॉटरी जीतता है और पद पर बना रहता है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गणेश नाइक ने शुक्रवार (17 अगस्त) को भूमि पूजन समारोह में कहा, "एकनाथ शिंदे (वर्तमान उपमुख्यमंत्री) की लॉटरी लग गई थी। लॉटरी जीतना हर किसी की किस्मत में नहीं होता। लेकिन शिंदे जीते थे। आम लोग देख चुके हैं कि किसी व्यक्ति ने कैसे कोई पद हासिल किया और बरकरार रखा।"

नाइक ने आगे कहा कि जब वह ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री थे, तब दिवंगत विष्णु सावरा, दिवंगत बीजेपी सांसद चिंतामन वांगा और एकनाथ शिंदे डीपीडीसी (जिला योजना एवं विकास परिषद) के सदस्य थे। इस कार्यक्रम में पालघर और बोईसर निर्वाचन क्षेत्रों के शिवसेना के विधायक और पालघर से बीजेपी सांसद हेमंत सवारा भी शामिल हुए।

नाइक ने शिंदे पर पहली बार निशाना नहीं साधा है। इससे पहले जुलाई में भी नाइक ने ठाणे जिले के संरक्षक मंत्री शिंदे का नाम लिए बिना आरोप लगाया था कि बाहरी लोग नवी मुंबई के संसाधनों का दोहन कर रहे हैं। शिवसेना ने नाइक पर पलटवार करते हुए कहा था कि वह शहर के मामलों पर लंबे समय से चली आ रही पार्टी की पकड़ से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

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