बिहार के बाद बंगाल और अन्य राज्यों में भी होगा SIR, विवाद के बीच चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान

SIR In Bengal: भारतीय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार (17 अगस्त) को कहा कि जहां तक पश्चिम बंगाल के SIR की तारीख का सवाल है तो हम तीनों कमिश्नर उचित समय देखकर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि चाहें वह पश्चिम बंगाल में हो या देश के अन्य राज्यों में आने वाले समय में SIR शुरू होने की तारीखों की घोषणा की जाएगी

अपडेटेड Aug 17, 2025 पर 7:09 PM
Story continues below Advertisement
SIR In West Bengal: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि बंगाल SIR की तारीख हम तीनों कमिश्नर उचित समय देखकर निर्णय लेंगे

SIR In West Bengal: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने रविवार (17 अगस्त) को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में भी वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) किया जाएगा, जैसा कि चुनावी राज्य बिहार में किया जा रहा है। अन्य राज्यों में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के मुद्दे पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय मुख्य चुनाव (CEC) आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जहां तक पश्चिम बंगाल के SIR की तारीख का सवाल है तो हम तीनों कमिश्नर उचित समय देखकर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि चाहें वह पश्चिम बंगाल में हो या देश के अन्य राज्यों में आने वाले समय में इसकी तारीखों की घोषणा की जाएगी।

ज्ञानेश कुमार का यह बयान तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासित पश्चिम बंगाल सरकार और चुनाव आयोग (EC) के बीच स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर बढ़ते विवाद के बीच आया है। इस दौरान उन्होंने दोहरे मतदान और 'वोट चोरी' के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।

CEC ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि मतदाता सूची के SIR का उद्देश्य वोटर लिस्ट में सभी त्रुटियों को दूर करना है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि कुछ दल और नेता इसके बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दल आयोग के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं।


निर्वाचन आयोग का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन में शामिल अन्य दलों ने कथित 'वोट-चोरी' के खिलाफ चुनावी राज्य बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' शुरू की।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दोहरे मतदान और 'वोट चोरी' के आरोपों को निराधार करार दिया। आयोग ने कहा कि सभी हितधारक पारदर्शी तरीके से एसआईआर को सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं।

विपक्ष द्वारा बिहार में एसआईआर के समय पर सवाल उठाए जाने पर कुमार ने कहा कि यह एक मिथक है कि एसआईआर जल्दबाजी में किया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक चुनाव से पहले मतदाता सूची को सही करना निर्वाचन आयोग का कानूनी कर्तव्य है।

उन्होंने कहा, "यह गंभीर चिंता का विषय है कि कुछ दल और उनके नेता बिहार में एसआईआर के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं। निर्वाचन आयोग सभी राजनीतिक दलों से बिहार में मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने का आग्रह करता है... अभी 15 दिन बाकी हैं।"

कुमार ने कहा, "निर्वाचन आयोग के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। बूथ स्तर के अधिकारी और एजेंट पारदर्शी तरीके से मिलकर काम कर रहे हैं।" कुमार ने कहा कि निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों के बीच भेदभाव नहीं कर सकता तथा सत्तारूढ़ और विपक्षी दल, दोनों ही चुनाव प्राधिकार के लिए समान हैं।

उन्होंने कहा, "अगर चुनाव याचिकाएं 45 दिन के भीतर दायर नहीं की जातीं, लेकिन वोट चोरी के आरोप लगाए जाते हैं, तो यह भारतीय संविधान का अपमान है।" कुमार ने कहा कि न तो आयोग और न ही मतदाता दोहरे मतदान और 'वोट चोरी' के निराधार आरोपों से डरते हैं।

उन्होंने कहा कि आयोग कुछ लोगों द्वारा खेली जा रही राजनीति की परवाह किए बिना सभी वर्गों के मतदाताओं के प्रति दृढ़ रहेगा। उन्होंने सवाल किया, "चुनाव प्रक्रिया में एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारी लगे हुए हैं। क्या इतनी पारदर्शी प्रक्रिया में 'वोट चोरी' हो सकती है?"

ये भी पढ़ें- 'कुछ नेता बिहार SIR के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं': चुनाव आयोग ने 'वोट चोरी' के आरोपों को बताया 'भारत के संविधान का अपमान', पढ़ें- बड़ी बातें

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची संशोधन और कांग्रेस द्वारा लगाए गए 'वोट चोरी' के आरोपों के बाद अपना हमला तेज कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि बिहार SIR के जरिए 'चुनाव चोरी' रने की साजिश की जा रही है, लेकिन विपक्ष ऐसा नहीं होने देगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।