Hyderabad Cyber Fraud: हैदराबाद से एक बड़े धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां पर साइबर ठगों ने RBI अधिकारी और बिजनेसमैन बनकर एक 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला के खाते से 9 महीनों में 1.8 करोड़ रुपये निकाल लिए। जालसाजों ने महिला से एक बड़े उद्योगपति और प्रधानमंत्री की तस्वीर वाले जाली दस्तावेजों का झांसा देकर लॉटरी में 2 करोड़ रुपये जीतने का वादा किया था। जिसके बाद उन्होंने महिला से इतनी बड़ी रकम लूटी।
बरकतपुरा निवासी महिला ने बुधवार को हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क किया और आरोप लगाया कि जालसाजों ने पहले उद्योगपति मुकेश अंबानी और बाद में आरबीआई अधिकारी बनकर फर्जी बैंक दस्तावेजों और उनके फोन की रिमोट एक्सेस का इस्तेमाल करके उनकी बचत को हड़प लिया।
ठगों ने खुद को 'बड़ा बिजनेसमैन' बताया
शिकायत के अनुसार, महिला को सबसे पहले फरवरी में व्हाट्सएप पर अनचाहे कॉल आए, जिनमें दावा किया गया कि उसने ऑनलाइन लॉटरी में 2 करोड़ रुपये का जैकपॉट जीता है। शुरुआत में महिला ने कॉल को नजरअंदाज कर दिया, लेकिन दो हफ्ते बाद धोखेबाजों ने उससे दोबारा संपर्क किया, इस बार एक व्यक्ति ने खुद को 'बड़ा बिजनेसमैन' बताया। कॉलर ने महिला को इनाम की राशि ट्रांसफर करने के लिए अपने इंडियन ओवरसीज बैंक खाते की जानकारी देने के लिए राजी किया।
पीड़ित महिला ने बताया कि "यह जानने के बाद कि मेरे बैंक खाते में इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा नहीं है, बिजनेसमैन बनकर आए धोखेबाज ने मुझे बैंक जाकर नेट बैंकिंग एक्टिवेट करवाया और मेरे क्रेडेंशियल्स ले लिए। कुछ दिनों बाद उसने मुझे बताया कि वे पूरी राशि एक खाते में ट्रांसफर नहीं कर सकते और दूसरा खाता नंबर देने को कहा।"
महिला ने पुलिस को बताया कि, उन्होंने मेरी फोटो, नाम और प्रधानमंत्री की फोटो वाला एक फर्जी दस्तावेज भेजा, जिसमें लिखा था कि उन्हें RBI से 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का पत्र मिला है।”
इसके बाद उन्हें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ICICI बैंक और HDFC बैंक में अपने खातों के लिए नेट बैंकिंग एक्टिवेट करने को कहा गया।
ठगों ने RBI अधिकारी बनकर की धोखाधड़ी
महिला ने कहा, “आरबीआई अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने वालों ने मेरे और मेरे पति के आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी ले लीं। उन्होंने मेरे डेबिट कार्ड की फोटो भी लीं और मेरे फोन को एक्सेस करने के लिए एक लिंक भेजा।”
13 मार्च से 8 दिसंबर के बीच, जालसाजों ने इंडियन ओवरसीज बैंक, SBI, HDFC बैंक और ICICI बैंक - इन चार बैंक खातों से 123 छोटी रकम के लेनदेन के जरिए पैसे निकाल लिए। पुलिस को संदेह है कि इस तरह के लेनदेन स्वचालित पहचान प्रणालियों से बचने के लिए किए गए थे।
उन्होंने महिला को अपने पति के साथ संयुक्त रूप से रखे गए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खातों को समय से पहले बंद करने के लिए भी राजी कर लिया, यह दावा करते हुए कि RBI के नियमों के अनुसार पुरस्कार राशि जमा करने से पहले उसके खातों में बराबर राशि का प्रमाण होना आवश्यक है।
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब महिला अपने बैंक में गई और पाया कि उसके खाते में केवल 6,000 रुपये बचे हैं। इसके बाद जब उससे फोन करने वालों से संपर्क नहीं हो पाया, तो उसने साइबर अपराध पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66-C और 66-C तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 111@(बी) (संगठित अपराध), 318 (धोखाधड़ी) और 319 (पहचान बदलकर धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया।