22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकियों के खात्मे के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर 9 आतंकी ठिकाने को निशाना बनाया। वहीं ऑपरेशन सिंदूर से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत के दौरान एक सख्त संदेश दिया था। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ 1 मई को फोन पर बात की थी। इस बातचीत के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कह दिया है इसको कोई भी संदेह नहीं होना चाहिए की भारत पाकिस्तान में छिपे आंतवादियों पर हमला नहीं करेगा।
बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच ये बात ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने से करीब एक हफ्ते पहले कही गई थी। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने बताया कि 1 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से फोन पर बातचीत में जयशंकर ने साफ कहा था, "इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए की भारत, पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों पर एक्शन नहीं लेगा।"
भारत की जवाबी कार्रवाई से डरा पाकिस्तान
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, "हालात को काबू में लाने में अमेरिका की बातचीत से ज्यादा भारत की कड़ी सैन्य कार्रवाई का असर हुआ। भारतीय अधिकारियों ने साफ कहा कि फायरिंग रोकने की पहल पाकिस्तान को ही करनी होगी।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई की रात उपराष्ट्रपति वेंस से बात करते हुए साफ कहा कि वह पीछे नहीं हटेंगे। 10 मई की सुबह अमेरिकी सचिव रुबियो ने पाक सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से बातचीत के बाद फिर से विदेश मंत्री जयशंकर से संपर्क किया। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, "रुबियो ने बताया कि अगर भारत भी कार्रवाई रोकता है तो पाकिस्तान तनाव खत्म करने को तैयार है।"
भारत का आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख
10 मई की शाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर बताया कि रातभर की लंबी बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान ने तुरंत और पूरी तरह से युद्धविराम पर सहमति ली है। इसके कुछ देर बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि भारत और पाकिस्तान ने तनाव खत्म करने पर सहमति जताई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने कड़े रुख पर कायम रहेगा और सख्त कार्रवाई जारी रखेगा।
भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी कैंप किया तबाह
बता दें भारत ने पहलगाव में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसमें पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया। इस सर्जिकल स्ट्राइक का मकसद लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के अड्डों को तबाह करना था। भारतीय सेना अपने इस मिशन में कामयाब रही। वहीं आंतकी ठिकानों पर भारत के हमले से बौखलाए पाकिस्तान ने हमले के तुरंत बाद ड्रोन और हथियारों से कई बार हमला किया, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया।