Iran War Updates: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध का आज 13वां दिन है। MEA ने बताया है कि, ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए सरकार हर संभव मदद कर रही है। जानकारी के मुताबिक, ईरान में इस समय लगभग 9,000 भारतीय मौजूद हैं, जिनमें छात्र, व्यापारी, नाविक और तीर्थयात्री शामिल हैं। सरकार ने इनके सुरक्षित वापसी के लिए कई कदम उठाए हैं।
MEA ने बताया कि, बहुत से भारतीयों को तेहरान से सुरक्षित इलाकों में भेज दिया गया है। सरकार उन भारतीयों की मदद कर रही है जो अजरबैजान और आर्मेनिया के रास्ते निकल रहे हैं। इनके लिए वीजा, जमीनी सीमा पार करने और व्यावसायिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है। सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की गई सलाह के कारण कई भारतीय पहले ही सुरक्षित अपने देश लौट चुके हैं।
पीएम मोदी ने की खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं से बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संकट को सुलझाने के लिए खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं से फोन पर बात की है। पीएम ने दो मुख्य बातों संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। उन्होंने युद्ध को बातचीत से खत्म करने की अपील की। प्रधानमंत्री ने साफ किया है कि भारतीय प्रवासियों का कल्याण और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए पड़ोसी देशों की भारत करेगा मदद
युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट गहरा गया है, जिसका असर भारत और उसके पड़ोसी देशों पर भी पड़ रहा है। संकट के इस दौर में बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव ने भारत से डीजल की आपूर्ति के लिए अनुरोध किया है। भारत 2017 से ही बांग्लादेश को पाइपलाइन के जरिए डीजल भेज रहा है।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पड़ोसी देशों की मदद करने से पहले सरकार अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखेगी। मंत्रालय ने माना है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खाड़ी क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है और वहां की अस्थिरता का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।