बारामुला के मछुआरे नजीर अहमद लाटू ने उस दिन भी रोज की तरह मछली पकड़ने के लिए अपना जाल झेलम नदी में डाला। उस वक्त उसे अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि उसे आज झेलम नदी क्या देने वाली है। जाल भारी महसूस होने पर उसने बड़ी या ढेर सारी मछलियां फंसने की बात को सोच कर जाल खींच लिया। मगर, जाल को देखकर उसके होश तब उड़ गए जब मछलियों की जगह उसमें मूर्तीनुमा चीज नजर आई। नजदीक से देखने पर यह उसे किसी हिंदू देवी-देवता की मूर्ति लगी।
