Mumbai Family Death Case: मुंबई में पिछले हफ्ते एक ही परिवार के चार लोगों की दुखद मौत हुई थी, जिसे शुरुआत में खराब तरबूज की वजह माना गया था। लेकिन शुरुआती फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला जहर देने का हो सकता है। इस घटना ने गर्मियों के फल तरबूज की सुरक्षा को लेकर जनता में चिंता पैदा कर दी है, और कुछ क्षेत्रों में तरबूज की बिक्री में भारी गिरावट भी देखी गई है।
वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत कोई सामान्य फूड पॉयजनिंग का मामला नहीं है। यह बयान उस अस्पताल के डॉक्टरों का है, जहां मृतक नसरीन, उनके पति अब्दुल्ला और दो बेटियों आयशा, जैनब का इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने बताया है कि फूड पॉयजनिंग के लक्षण अलग होते हैं। इसमें हालत इतनी तेजी से नहीं बिगड़ती है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि यह किसी जहरीले या केमिकल पदार्थ का असर हो सकता है। इसकी जांच की जा रही है।
तरबूज से परिवार की मौत का केस सामान्य नहीं?
सर जेजे अस्पताल के मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट डॉ. संजय सुरासे ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि परिवार को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। उनके मुताबिक, मरीजों में जो लक्षण दिख रहे थे, वे सामान्य फूड पॉयजनिंग से काफी अलग थे। उन्होंने कहा कि अगर यह फूड पॉयजनिंग का मामला होता, तो इसके लक्षण अलग होते। आमतौर पर इतनी तेजी से हालत नहीं बिगड़ती और मामला इतना गंभीर भी नहीं होता।
परिवार के सदस्यों की तबीयत में तेजी से गिरावट आ रही थी। डॉक्टर के मुताबिक, एक ही परिवार के सभी लोगों का एक साथ इतना गंभीर बीमार होना नॉर्मल नहीं है। ऐसे में शक है कि यह किसी जहरीले या केमिकल पदार्थ का असर हो सकता है। डॉक्टर ने कहा कि वो इसकी जांच कर रहे हैं।
बता दें कि यह घटना रविवार, 26 अप्रैल की है, जब पीड़ित - मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान के मालिक 45 वर्षीय अब्दुल्ला डोकाडिया; उनकी पत्नी 35 वर्षीय नसरीन; और उनके बच्चे 13 वर्षीय जैनब और 16 वर्षीय आयशा - ने शनिवार को पांच रिश्तेदारों के लिए एक भोज का आयोजन किया था, जिसमें मटन पुलाव परोसा गया था। मेहमानों के जाने के बाद, परिवार ने कथित तौर पर रात लगभग 1 बजे तरबूज खाया। सुबह 5 बजे तक, चारों को गंभीर उल्टी और दस्त होने लगे। दुख की बात है कि चिकित्सा सहायता के बावजूद, कुछ ही घंटों में उनका निधन हो गया।
NDTV के सूत्रों ने बताया है कि पोस्टमार्टम में दिमाग, दिल और आंत जैसे कुछ अंगों में असामान्य हरापन पाया गया। यह सामान्य फूड पॉइजनिंग के मामलों में नहीं होता। मामले को और जटिल बनाते हुए, अब्दुल्ला दोकाडिया के शरीर में मॉर्फीन के अंश भी पाए गए, जो एक बहुत तेज असर वाली दर्द निवारक दवा है।
राज्य खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने स्पष्ट किया है कि तरबूज और मौतों के बीच कोई पुख्ता संबंध स्थापित नहीं हुआ है। अधिकारियों ने कहा कि जांच अभी जारी है और पूरी सच्चाई वैज्ञानिक और केमिकल टेस्ट के बाद ही सामने आएगी।
फिलहाल, पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है और डिनर में शामिल सभी लोगों के बयान दर्ज किए हैं जिन्होंने मटन पुलाव खाया था और जो सुरक्षित थे। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या तनाव या अन्य कारकों ने अचानक हुई मौतों में कोई भूमिका निभाई है। इस बीच, FDA तरबूज की जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसमें कोई जहरीला पदार्थ या मिलावट तो नहीं थी। चारों पीड़ितों के आंतरिक अंगों को अच्छे से केमिकल जांच के लिए भेजा गया है और डॉक्टरों ने परिणाम की पुष्टि होने तक अपनी अंतिम राय सुरक्षित रखी है।