साल 2026 की पहली तिमाही खत्म होते-होते मिडिल क्लास के घर का बजट पूरी तरह चरमरा गया है। वैश्विक उथल-पुथल, देश के भीतर मौसम की मार और EMI के बोझ ने मिलकर एक ऐसा 'तिहरा दबाव' पैदा किया है, जिसने दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में रहने वाले परिवारों को डिफेंसिव स्थिति में ला खड़ा किया है। अब सवाल यह नहीं है कि बचत कितनी होगी, बल्कि यह है कि प्राथमिकता किसे दी जाए: गाड़ी की टंकी को, रसोई के राशन को या बैंक की EMI को?
