Pakistan Proxy War: अमेरिका बेस्ड इंडिपेंडेंट जर्नल 'यूरेशिया रिव्यू' ने पाकिस्तान को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों और उसके 'प्रॉक्सी वॉर' को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की उदासीनता के कारण पाकिस्तान अपनी हरकतों से बच निकलता है। ऐसे में भारत को न केवल सैन्य जवाब देना चाहिए, बल्कि पाकिस्तान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव भी बढ़ाना चाहिए ताकि उसे आतंक की भारी कीमत चुकानी पड़े।
संयुक्त राष्ट्र की टीम को बताया 'कागजी शेर'
पूर्व सैन्य अधिकारी निलेश कुंवर ने यूरेशिया रिव्यू में लिखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) की निगरानी प्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने यूएन की 'एनालिटिकल सपोर्ट एंड सेंक्शंस मॉनिटरिंग टीम' को 'कागजी शेर' करार दिया। उनके अनुसार, यह टीम सदस्य देशों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर रिपोर्ट तो तैयार करती है, लेकिन न तो खुद जांच करती है और न ही आतंकियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई का निर्देश देती है।
जैश-ए-मोहम्मद की नई साजिशों का खुलासा
यूएन की 37वीं रिपोर्ट का हवाला देते हुए लेख में बताया गया कि प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) भारत में कई बड़े हमलों में शामिल रहा है:
लाल किला हमला: 9 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले के पास हुआ आत्मघाती कार बम धमाका।
पहलगाम हमला: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला।
महिला विंग: जैश ने 'जमात-उल-मुमिनात' नाम से एक महिला विंग बनाई है, जिसका मकसद वैश्विक जिहाद को आगे बढ़ाना है।
पाकिस्तान का यह दावा कि जैश अब 'निष्क्रिय' हो चुका है। हालांकि, भारत के पास मौजूद पुख्ता सबूतों के सामने यह दावा पूरी तरह झूठा साबित होता है।
मसूद अजहर पर पाकिस्तान का सफेद झूठ
रिपोर्ट में पाकिस्तान के दोहरे रवैये की पोल खोली गई है। एक तरफ पाकिस्तानी सेना (DG ISPR) देश में मसूद अजहर की मौजूदगी से इनकार करती है, वहीं दूसरी ओर पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने खुद स्वीकार किया था कि मसूद अजहर पाकिस्तान में है और काफी बीमार है। लेख के मुताबिक, पाकिस्तान की इस 'हंसी उड़ाने वाली' सफाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी विश्वसनीयता को खत्म कर दिया है।
'ऑपरेशन सिंदूर' और भारत की रणनीति
रिपोर्ट में पिछले साल 7 मई को भारत द्वारा की गई हवाई कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र है। भारत ने बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को तबाह कर दिया था। खुद जैश सरगना मसूद अजहर ने स्वीकार किया था कि इस हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य मारे गए थे। यूरेशिया रिव्यू ने सुझाव दिया है कि भारत को अब और भी आक्रामक रुख अपनाना चाहिए और पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर 'नेम एंड शेम' की रणनीति के तहत बेनकाब करना चाहिए।