Goa Nightclub Fire Case: गोवा पहुंचे 'लूथरा ब्रदर्स' में से एक ने की सीने में दर्द की शिकायत, पुलिस कस्टडी में ले जाया गया अस्पताल

Goa Nightclub Fire Case: थाईलैंड से डिपोर्ट होने के बाद दिल्ली पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद कोर्ट ने गोवा ले जाने के लिए 48 घंटे की 'ट्रांजिट रिमांड' दी थी। बुधवार सुबह करीब 10:45 बजे गोवा पुलिस की टीम इन्हें लेकर एयरपोर्ट पहुंची

अपडेटेड Dec 17, 2025 पर 3:39 PM
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सीने में दर्द की शिकायत के बाद उसे इलाज के लिए रेफर किया गया है

Goa Nightclub Fire Case: गोवा के 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब अग्निकांड के मुख्य आरोपी गौरव और सौरभ लूथरा बुधवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच गोवा ले जाया गया। थाईलैंड से डिपोर्ट होकर दिल्ली और फिर दिल्ली से गोवा लाए गए इन दोनों भाइयों को एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल ले जाया गया। थाईलैंड से डिपोर्ट होने के बाद दिल्ली पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद कोर्ट ने गोवा ले जाने के लिए 48 घंटे की 'ट्रांजिट रिमांड' दी थी। बुधवार सुबह करीब 10:45 बजे गोवा पुलिस की टीम इन्हें लेकर एयरपोर्ट पहुंची।

गोवा में उतरते ही उन्हें भारी सुरक्षा के बीच सियोलिम के प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले जाया गया। इसके बाद उन्हें मापुसा के जिला अस्पताल शिफ्ट किया गया। सुरक्षा कारणों से दोनों भाइयों को अलग-अलग गाड़ियों में बैठाया गया था।

गिरफ्तारी के बीच की 'सीने में दर्द' की शिकायत


पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों भाइयों में से एक ने सीने में दर्द की शिकायत की।आरोपी की शिकायत के बाद उसे इलाज और जांच के लिए रेफर किया गया है। पुलिस इसे एक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मान रही है ताकि कोर्ट में पेशी से पहले उनकी फिटनेस सुनिश्चित की जा सके। अस्पताल से छुट्टी मिलते ही इन्हें अंजुना पुलिस स्टेशन ले जाया जाएगा, जहां से इन्हें मापुसा कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी।

बिना परमिशन और सुरक्षा उपकरणों के हो रही थी आतिशबाजी

6 दिसंबर की रात गोवा के 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में हुए भीषण आगजनी को लेकर अधिकारियों ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए है। पुलिस का आरोप है कि क्लब में फायरवर्क इवेंट का आयोजन किया गया था, जबकि वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और न ही आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण मौजूद थे। कोर्ट में दी गई दलीलों के अनुसार, नाइटक्लब के संचालन, लाइसेंस और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों भाइयों के हाथ में थी। पुलिस का कहना है कि अभी भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद होने बाकी हैं।

घटना के तुरंत बाद भाग गए थे थाईलैंड

हादसे के बाद जब पूरा देश सदमे में था, ये दोनों भाई घटना के कुछ ही घंटों बाद फुकेट भाग गए थे। इसके बाद भारत सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इनके पासपोर्ट रद्द किए और इंटरपोल के जरिए 'ब्लू कॉर्नर नोटिस' जारी किया। 11 दिसंबर को थाई अधिकारियों ने इन्हें हिरासत में लिया और द्विपक्षीय कानूनी व्यवस्था के तहत इन्हें भारत वापस भेज दिया गया। इस मामले में अब तक नाइटक्लब के 5 मैनेजरों और स्टाफ सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

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