Goa Nightclub Fire: गोवा के 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइट क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा को थाईलैंड से वापस लाने की प्रक्रिया अब ऑफिशियली शुरू हो गई है। लूथरा भाइयों को फुकेट से बैंकॉक ले जाया जा रहा है। इसके बाद उन्हें भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में गोवा में लगी आग के सिलसिले में नाइटक्लब मालिकों को भारत वापस लाने की दिशा में पहला ठोस कदम है, जिसमें 25 लोगों की जान चली गई थी।
थाई अधिकारियों ने CNN-News18 को बताया कि उन्होंने भाइयों को फुकेट में हिरासत में लिया। अब उन्हें बैंकॉक इमिग्रेशन ऑफिस ले गए हैं। वहां से उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए भारतीय अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।
आग लगने से 25 लोगों की मौत के बाद भारत से भागे उसके मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को थाईलैंड पुलिस ने हिरासत में लिया है। अब उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। इस बीच, दिल्ली की अदालत ने दोनों आरोपियों के आचरण और अपराधों की गंभीरता का हवाला देते हुए उनकी ट्रांजिट अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
6 दिसंबर को ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के तुरंत बाद लूथरा बंधु थाईलैंड के फुकेट भाग गए थे। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि नाइट क्लब के सह-मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को थाईलैंड से जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि नाइटक्लब के सह-मालिकों 44 वर्षीय गौरव और 40 वर्षीय सौरभ को भारत सरकार के अनुरोध पर थाईलैंड में हिरासत में लिया गया है। दोनों के खिलाफ इंटरपोल का 'ब्लू कॉर्नर नोटिस' जारी किया गया था। जैसे ही लूथरा बंधुओं की गिरफ्तारी की खबर सामने आई, हथकड़ी पहने उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरलहोने लगीं।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ने छह-सात दिसंबर की दरम्यानी रात 1 बजकर 17 मिनट पर एक ट्रैवल पोर्टल के माध्यम से फुकेट के लिए अपनी टिकटें बुक की थीं। उन्होंने उत्तरी गोवा के अरपोरा में स्थित उनके नाइट क्लब ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ में लगी भीषण आग के बारे में पता चलने के एक घंटे के भीतर टिकटें बुक कर ली थीं।
इस बीच, गोवा की एक अदालत ने गुरुवार को ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब के सह-मालिक अजय गुप्ता को सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया। गुप्ता को पूछताछ के लिए बुधवार रात दिल्ली से गोवा ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया था। एक अधिकारी ने बताया था कि उन्हें विस्तृत जांच के लिए अंजुना पुलिस थाने ले जाया गया।
दिल्ली में रीजनल पासपोर्ट ऑफिस ने उनके पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए हैं। सस्पेंशन के बाद थाईलैंड में उनके पासपोर्ट इनवैलिड हो गए, जिससे अधिकारियों को भारत की डिटेंशन रिक्वेस्ट पर तुरंत एक्शन लेने में मदद मिली। थाई पुलिस ने ट्रैवल रिकॉर्ड का इस्तेमाल करके दोनों का पता लगाया। फिर उनका सामान ज़ब्त किया और उन्हें एक इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में भेज दिया।