Social Media Code of Conduct: केंद्र सरकार अपने अधिकारियों के लिए जल्द ही ‘सोशल मीडिया आचार संहिता’ (social media code of conduct) ला सकती है। यह पहली बार होगा जब अधिकारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर इस तरह के नियम बनाए जाएंगे। दरअसल, इन दिनों कई अधिकारी सोशल मीडिया पर अपनी निजी रील, वीडियो, स्टोरी और राय पोस्ट कर रहे हैं। कुछ अधिकारी तो ड्यूटी के दौरान भी ऐसी पोस्ट करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में टॉप ब्यूरोक्रेट्स से इस तरह की आचार संहिता लाने की संभावना पर विचार करने को कहा है।
हाल ही में सचिवों के साथ बातचीत के दौरान, उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय से नागरिकों के लिए एक यूनिफाइड सर्विस डिलीवरी प्लेटफॉर्म, "एक भारत" पोर्टल को जल्द से जल्द शुरू करने को भी कहा।
कैबिनेट सचिव ने अधिकारियों को दी जानकारी
TOI को मिली जानकारी के मुताबिक, कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने इस हफ्ते अधिकारियों को भेजे एक संदेश में बैठक में सामने आए जरूरी कामों के बारे में जानकारी दी है।
अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया कोड का प्रस्ताव अहम है, क्योंकि कई मामलों में अधिकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने काम का महिमामंडन करते हैं और ऐसे काम करते हैं जो सरकारी कर्मचारियों से अपेक्षित व्यवहार के अनुरूप नहीं होते।
अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया कोड की सख्त जरूरत
कुछ सीनियर सेवारत और रिटायर्ड अफसरों का कहना है कि इस तरह की आचार संहिता की सख्त जरूरत है, क्योंकि अभी ऐसा कोई कोड नहीं है, सिवाय आचरण नियमों के, जो उस समय बनाए गए थे जब सोशल मीडिया नहीं था और इसलिए उनमें इसके लिए कोई खास प्रावधान नहीं हैं।
बता दें कि सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए नागरिकों को कई वेबसाइटों पर लॉग इन करना पड़ता है और कई यूजरनेम और पासवर्ड याद रखने पड़ते हैं, इसलिए "एक भारत पोर्टल" की ज़रूरत महसूस की गई है। एक बार शुरू हो जाने पर, यूज़र्स को सभी सरकारी पोर्टलों पर सेवाओं का लाभ उठाने के लिए सिर्फ एक यूजरनेम और पासवर्ड की जरूरत होगी। अधिकारियों ने बताया कि विभागों के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं।
सोमनाथन के संदेश के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सचिवों से यह भी कहा है कि वे विभागों के सीमित हितों की रक्षा करने के बजाय "पूरे सरकार" (whole of govt) के नजरिए से सामूहिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए काम करें।