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मैहर में सरकारी स्कूलों की हालत खस्ता, गणतंत्र दिवस पर बच्चों को किताबों के फटे पन्नों पर परोसी गई मिड-डे मील

Maihar Mid-Day Meal Controversy: गणतंत्र दिवस का उद्देश्य बच्चों को गरिमा, समानता और संविधान के प्रति गौरव सिखाना है। लेकिन मध्य प्रदेश के मैहर जिले में, यह शिक्षा फटी हुई नोटबुक के पन्नों पर दी गई। बता दें कि भटगवां गांव का एक परेशान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Jan 27, 2026 पर 1:34 PM
मैहर में सरकारी स्कूलों की हालत खस्ता, गणतंत्र दिवस पर बच्चों को किताबों के फटे पन्नों पर परोसी गई मिड-डे मील
मैहर में गणतंत्र दिवस पर बच्चों को किताबों के फटे पन्नों पर परोसी गई मिड-डे मील

Maihar Mid-Day Meal Controversy: गणतंत्र दिवस का उद्देश्य बच्चों को गरिमा, समानता और संविधान के प्रति गौरव सिखाना है। लेकिन मध्य प्रदेश के मैहर जिले में, यह शिक्षा फटी हुई नोटबुक के पन्नों पर दी गई। बता दें कि भटगवां गांव का एक परेशान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे सरकारी स्कूलों के बच्चों को गणतंत्र दिवस का खास मिड-डे मील प्लेटों में नहीं, बल्कि पुरानी नोटबुकों और किताबों से फाड़े गए कागज के टुकड़ों पर परोसा जा रहा है।

सरकारी निर्देशों के अनुसार, 26 जनवरी को मिड-डे मील में बच्चों को पूरी और हलवा दिया गया। बच्चों को जमीन पर बैठाया गया, लेकिन प्लेटों या पत्तों की थालियों के बजाय, उनके सामने स्याही से सने, गंदे कागज के पन्ने बिछा दिए गए और खाना सीधे उन्हीं पर परोसा गया। बच्चों को लिखने के लिए बने पन्नों पर, जिन पर कभी स्याही, धूल और गंदगी लगी थी, गर्म खाना खाने के लिए मजबूर किया गया।

इस घटना को और भी गंभीर बनाने वाली बात यह है कि छात्रों की संख्या के अनुसार प्लेटें खरीदने के लिए धनराशि पहले ही जारी कर दी गई थी। फिर भी, गणतंत्र दिवस पर एक भी प्लेट दिखाई नहीं दी।

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