
GST Evasion : टैक्स चोरी के लिए ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग कंपनियां क्रिप्टो करेंसी के जरिए लेनदेन कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक इसमें ज्यादातर ऑफशोर कंपनियां हैं जो USDT का इस्तेमाल करके करीब 250 से 300 करोड़ रुपए का GST चोरी कर रही हैं। इस पर ज्यादा डिटेल में जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के आलोक प्रियदर्शी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ऑनलाइन गेमिंग/बेटिंग के लिए क्रिप्टो करेंसी का इस्तेमाल हो रहा है। इसके जरिए 250-300 करोड़ सालाना GST चोरी होने की आशंका है।
सूत्रों के मुताबित ऑफशोर बेटिंग कंपनियां USDT के जरिए लेनदेन कर रही हैं। ये कंपनियां दुबई, केमैन आयलैंड, साइप्रस जैसे देशों में रजिस्टर्ड हैं। नियमों के मुताबिक गेमिंग कंपनियों का भारत में रजिस्ट्रेशन जरूरी है। लेकिन इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। छोटी कंपनियां ज्यादातर हवाला ऑपरेटर्स के जरिए लेनदेन करती हैं।
गौरतलब है कि भारत का ऑनलाइन गेमिंग इकोसिस्टम तेज़ी से फल-फूल रहा है। इसके 44.2 करोड़ से ज़्यादा यूजर हैं। देश में फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स, पोकर, रम्मी, ई-स्पोर्ट्स और कैज़ुअल मोबाइल गेम्स जैसे क्षेत्रों में तेज़ी ग्रोथ हो रही है। हालांकि, भारत में ऑनलाइन गेमिंग पर जीएसटी में हालिया बदलाव ने एक बड़ी बहस और नियामक अनिश्चितता को जन्म दिया है। ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर पूरे अंकित मूल्य पर 28% जीएसटी लगता है।
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