बीजेपी नेता के. अन्नामलई ने सोमवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे के जुबानी हमलों का जोरदार जवाब दिया। यह सब BMC चुनाव से पहले हुआ। उन्होंने हमलों को "राजनीतिक और अज्ञानतापूर्वक" बताया। चेन्नई से प्रतिक्रिया देते हुए अन्नामलई ने कहा कि व्यक्तिगत तंज और मुंबई रैलियों में दी गई धमकियों से वह बिल्कुल नहीं डरते।
उन्होंने कहा, “राज ठाकरे और आदित्य ठाकरे कौन होते हैं मुझे धमकाने वाले? मुझे किसान का बेटा होने पर गर्व है। कुछ लोग सिर्फ मुझे गाली देने के लिए सभाएं कर रहे हैं। मुझे नहीं पता कि मैं इतना महत्वपूर्ण हो गया हूं या नहीं।” उन्होंने यह भी कहा कि कि धमकियां उन्हें रोक नहीं पाएंगी।
अपने खिलाफ मिल रही धमकियों की खबरों का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि वे मुंबई जरूर जाएंगे। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने लिखा है कि अगर मैं मुंबई आया तो वे मेरे पैर काट देंगे। मैं आऊंगा- कोशिश करो मेरे पैर काटने की। अगर मुझे ऐसी धमकियों से डर लगता तो मैं अपने गांव में ही रहता।”
अन्नामलाई ने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि अपने गृह राज्य के बाहर के नेताओं या शहरों के बारे में सकारात्मक रूप से बोलना क्षेत्रीय पहचान को कमजोर करता है।
उन्होंने अपने खिलाफ हो रही आलोचना “अगर मैं कहूं कि के. कामराज भारत के महानतम नेताओं में से एक हैं, तो क्या इससे वे कम तमिल हो जाते हैं? अगर मैं कहूं कि मुंबई एक विश्व स्तरीय शहर है, तो क्या इसका मतलब यह है कि इसे महाराष्ट्रियों ने नहीं बनाया?” उन्होंने अपने खिलाफ हो रही आलोचना को अज्ञानता पर आधारित बताते हुए सवाल किया।
यह तीखी बहस मुंबई में शिवसेना (UBT) और MNS की संयुक्त रैली में राज ठाकरे की टिप्पणियों के बाद छिड़ी, जहां MNS प्रमुख ने अन्नामलाई को "रसमलाई" कहकर उनका मजाक उड़ाया और मुंबई से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी करने के उनके अधिकार पर सवाल उठाया।
ठाकरे ने एक बार फिर से विवादित नारा दिया- "उठाओ लुंगी, बजाओ पुंगी", जो ऐतिहासिक रूप से दक्षिण भारतीयों के खिलाफ बयानबाजी से जुड़ा हुआ है, और इसे एक तीखे व्यंग्य की तरह इस्तेमाल किया जाता।
रैली के दौरान, राज ठाकरे ने उत्तर प्रदेश और बिहार से आए प्रवासियों को महाराष्ट्र में हिंदी थोपने के खिलाफ चेतावनी दी, जिसे उन्होंने भाषा, रोजगार और क्षेत्रीय पहचान से जोड़ा।
उन्होंने आगामी BMC चुनावों को मराठी समुदाय के लिए निर्णायक चुनाव बताया और मतदाताओं से एकजुट होने और मतदान के दिन सतर्क रहने का आग्रह किया।