बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। बता दें कि, इस बार उनकी सुर्खियों में रहने की वजह उनका कोई फैसला नहीं बल्कि एक मीटिंग के दौरान हुआ एक वाकया है। बता दें कि, बागपत के जिलाधिकारी की एक मीटिंग के दौरान अचानक से एक लंगूर घुस गया था। उसे देखकर डीएम अस्मिता लाल घबराती नहीं हैं बल्कि लंगूर से बात करती हैं। वह लंगूर के लिए अपनी सीट छोड़कर खड़ी हो जाती हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
बैठक के दौरान घटी ये घटना
अस्मिता लाल से जुड़े ‘किसान दिवस’ कार्यक्रम में एक मजेदार और अनोखी घटना भी देखने को मिली। बैठक के दौरान अचानक ‘मातरू’ नाम का एक लंगूर मीटिंग हॉल में आ गया। वह टेबलों के बीच से चलता हुआ सीधे जिलाधिकारी के पास पहुंच गया। इस स्थिति में भी अस्मिता लाल ने पूरी शांति और संयम बनाए रखा। वह खड़ी हुईं, मुस्कुराईं और लंगूर को बैठने का इशारा किया। उन्हें यह कहते हुए सुना गया, “यहां बैठो,” जिसके बाद लंगूर उनकी कुर्सी पर बैठ गया। यह पूरे वाकया कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस घटना ने उस दिन के कार्यक्रम में एक मजेदार और अलग ही रंग भर दिया।
बता दें कि ये लंगूर ‘मातरू’ उस इलाके के लोगों के लिए नया नहीं है। वह अक्सर कलेक्ट्रेट परिसर में आता-जाता रहता है और वहां के स्टाफ व अधिकारियों के बीच अच्छी तरह पहचाना जाता है। लोगों का कहना है कि वह पहले भी किसानों के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान वहां नजर आ चुका है। एक ऐसे ही मौके पर बताया जाता है कि ‘मातरू’ ने डीएम का दुपट्टा पकड़ लिया था और फिर किसानों के बीच जाकर बैठ गया था।
बता दें कि, अस्मिता लाल भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की 2015 बैच की अधिकारी हैं। उनका जन्म 17 दिसंबर 1989 को दिल्ली में हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और साल 2015 में इसे सफलतापूर्वक पास किया। उन्होंने 7 सितंबर 2015 को अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत की। फिलहाल वह बागपत की जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और कलेक्टर के पद पर काम कर रही हैं, जिसकी जिम्मेदारी उन्होंने 18 जनवरी 2025 को संभाली थी। अस्मिता लाल अपने संवेदनशील और लोगों से जुड़कर काम करने वाले अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं।