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अगर साफ हवा नहीं दे सकते, तो कम से कम एयर प्यूरीफायर पर 18% GST को ही कम कर दो: दिल्ली हाई कोर्ट

Delhi Air Pollution: एयर प्यूरीफायर को "मेडिकल डिवाइस" घोषित करने और उन्हें जीएसटी से छूट देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने कहा कि बेहद वायु प्रदूषण से जूझ रहे शहर में एयर प्यूरीफायर को लग्जरी वाली चीज नहीं माना जा सकता है। यह सुनवाई ऐसे समय में हो रही है, जब दिल्ली जहरीले धुएं की चपेट में है

Shubham Sharmaअपडेटेड Dec 24, 2025 पर 4:25 PM
अगर साफ हवा नहीं दे सकते, तो कम से कम एयर प्यूरीफायर पर 18% GST को ही कम कर दो: दिल्ली हाई कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार से कहा कि कम से कम एयर प्यूरीफायर पर टैक्स का बोझ तो घटाइए

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से पूछा कि जब राजधानी में प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है, तब एयर प्यूरीफायर पर 18% GST लगाना सही कैसे ठहराया जा सकता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि नागरिकों को साफ हवा देना सरकार का न्यूनतम कर्तव्य है और अगर आप लोगों को स्वच्छ हवा नहीं दे पा रहे हैं, तो कम से कम एयर प्यूरीफायर पर टैक्स का बोझ तो घटाइए।

एयर प्यूरीफायर को "मेडिकल डिवाइस" घोषित करने और उन्हें जीएसटी से छूट देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने कहा कि बेहद वायु प्रदूषण से जूझ रहे शहर में एयर प्यूरीफायर को लग्जरी वाली चीज नहीं माना जा सकता है।

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में ही बेंच ने इस मामले में कार्रवाई की कमी पर अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि हर एक नागरिक को साफ हवा का अधिकार है।

बेंच ने कहा, “प्यूरिफायर उपलब्ध कराए जाएं। इतना तो कम से कम आप कर सकते हैं। आप कब करेंगे?… भले ही यह अस्थायी हो, अगले एक हफ्ते या एक महीने के लिए छूट दें… इसे केवल अस्थायी रूप से आपातकालीन स्थिति मानें। निर्देश लें और जाएं।”

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