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सिर्फ प्रोटोटाइप बनकर नहीं दम तोड़ेगी रिसर्च, IIT कानपुर का नया मॉडल लैब के इनोवेशन को बनाएगा बिजनेस

IIT कानपुर ने प्रोफेसरों की रिसर्च को कारोबार में बदलने के लिए SCALE Transcend प्रोग्राम शुरू किया है। इसमें नई तकनीकों को बाजार तक पहुंचाने के लिए ट्रेनिंग, आर्थिक मदद और निवेशकों से जुड़ने का मौका मिलेगा। इसका मकसद लैब में तैयार तकनीकों को बिजनेस में बदलकर लोगों के काम आने लायक बनाना है।

Roopali Sharmaअपडेटेड Oct 09, 2026 पर 9:00 AM
सिर्फ प्रोटोटाइप बनकर नहीं दम तोड़ेगी रिसर्च, IIT कानपुर का नया मॉडल लैब के इनोवेशन को बनाएगा बिजनेस

IIT कानपुर: IIT कानपुर ने एक नया प्रोग्राम शुरू किया है, जिससे प्रोफेसरों की रिसर्च को बिजनेस में बदलने और बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। देश के बड़े तकनीकी संस्थानों में सालों की मेहनत के बाद तैयार होने वाली रिसर्च कई बार लैब, पेटेंट या प्रोटोटाइप तक ही रह जाती है। तकनीक तैयार हो जाती है, लेकिन उसे बाजार तक पहुंचाने और उससे कारोबार शुरू करने का रास्ता साफ नहीं हो पाता। अब IIT कानपुर इस परेशानी को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। संस्थान ने स्केल ट्रांसेंड नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत प्रोफेसरों की हाईटेक रिसर्च को बाजार की जरूरतों से जोड़कर बिजनेस में बदलने की तैयारी की जाएगी।

रिसर्च को कारोबार में बदलने की मिलेगी ट्रेनिंग

स्केल ट्रांसेंड, IIT कानपुर के उद्यम विकास मंच स्ट्रैटेजिक कैपिटल एंड एडवाइजरी फॉर लॉन्च एंड एक्सपेंशन (SCALE) की पहल है। इसका मकसद प्रोफेसरों की अगुवाई में होने वाली रिसर्च और नए इनोवेशन को कारोबार का रूप देना है। इसके तहत रिसर्च करने वाली टीमों को तकनीकी मदद के साथ यह भी बताया जाएगा कि उनकी तकनीक की बाजार में कितनी मांग है, ग्राहक कौन होंगे और इसे बिजनेस के रूप में कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।

10 हफ्ते के पहले बैच में छह प्रोफेसरों के नेतृत्व वाली टीमों को चुना गया है। हर टीम को एक उद्योग विशेषज्ञ का मार्गदर्शन मिलेगा। इसके साथ संस्थान की ओर से आर्थिक मदद और निवेशकों से जुड़ने का मौका भी दिया जाएगा। IIT कानपुर का कहना है कि रिसर्च और कारोबार के बीच की दूरी कम होने से कई नई तकनीकें लैब से निकलकर आम लोगों और उद्योगों तक पहुंच सकेंगी।

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