Emmanuel Macron: 'भारत फॉलो नहीं करता बल्कि लीड करता है', फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारतीय प्रतिभा का माना लोहा

Emmanuel Macron India Innovation Speech: मैक्रों ने भारत और फ्रांस के रिश्तों को 'संप्रभु गठबंधन' करार दिया। उन्होंने भारत के प्रति फ्रांस की अटूट प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, 'हम यहां हैं, हम आपके साथ रहना चाहते हैं और हम यहां से कहीं नहीं जा रहे।' उन्होंने बताया कि दोनों देश जमीन, समुद्र और आसमान हर मोर्चे पर मजबूरी में नहीं बल्कि एक-दूसरे पर अटूट विश्वास के कारण साथ खड़े हैं

अपडेटेड Feb 17, 2026 पर 10:17 PM
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उनके अनुसार, भारत अब सिर्फ तकनीक को अपनाने वाला देश नहीं रहा, बल्कि दुनिया को दिशा दिखाने वाला लीडर बन गया है

Emmanuel Macron: फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने वैश्विक नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में भारत के बढ़ते दबदबे की जमकर तारीफ की है। मंगलवार को 'भारत-फ्रांस इनोवेशन फोरम' में बोलते हुए मैक्रों ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। उनके अनुसार, भारत अब सिर्फ तकनीक को अपनाने वाला देश नहीं रहा, बल्कि दुनिया को दिशा दिखाने वाला लीडर बन गया है।

दुनिया की बड़ी कंपनियों में भारतीयों का डंका

मैक्रों ने अपने भाषण में उन भारतीय मूल के हस्तियों की लंबी लिस्ट गिनाई जो आज दुनिया की दिग्गज कंपनियों की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा, अल्फाबेट (गूगल) के सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला, आईबीएम के अरविंद कृष्णा और एडोब के शांतनु नारायण ये सभी भारतीय मूल के हैं। पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ और लग्जरी फैशन हाउस Chanel की ग्लोबल सीईओ लीना नायर का जिक्र करते हुए उन्होंने गर्व से कहा कि लीना नायर का ताल्लुक महाराष्ट्र के कोल्हापुर से है। मैक्रों ने जोर देकर कहा कि, 'भारत ग्लोबल इनोवेशन में सिर्फ हिस्सा नहीं लेता, बल्कि उसका नेतृत्व करता है।'


मैक्रों ने भारत और फ्रांस के रिश्तों को 'संप्रभु गठबंधन' करार दिया। उन्होंने भारत के प्रति फ्रांस की अटूट प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, 'हम यहां हैं, हम आपके साथ रहना चाहते हैं और हम यहां से कहीं नहीं जा रहे।' उन्होंने बताया कि दोनों देश जमीन, समुद्र और आसमान हर मोर्चे पर मजबूरी में नहीं बल्कि एक-दूसरे पर अटूट विश्वास के कारण साथ खड़े हैं।

अंतरिक्ष और तकनीक के क्षेत्र में गहरी होती दोस्ती

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष क्षेत्र में हो रहे सहयोग का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने 'तृष्णा' (TRISHNA) सैटेलाइट प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दो महान देशों की वैज्ञानिक उत्कृष्टता और औद्योगिक विशेषज्ञता साथ आती है, तो ऐसे बड़े मुकाम हासिल किए जाते हैं। उन्होंने एआई, रक्षा विनिर्माण और स्टार्टअप ईकोसिस्टम में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

'टैलेंट' है भारत की ताकत

मैक्रों के अनुसार, भारत की असली ताकत न केवल उसके पास मौजूद विशाल टैलेंट पूल में और विचारों को बड़े स्तर पर लागू करने की उसकी क्षमता में भी है। उन्होंने कहा कि भारत भविष्य के वैश्विक उद्योगों को आकार देने में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। यह साझेदारी आने वाले समय में पूरी दुनिया के लिए तकनीक और सुरक्षा के लिहाज से एक नया अध्याय लिखेगी।

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