'38 देशों के साथ अपनी शर्तों पर समझौते', अमेरिका-EU ट्रेड डील पर PM मोदी ने कही ये बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) खास तौर पर MSME सेक्टर को फायदा पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन समझौतों से टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल्स, हैंडीक्राफ्ट्स और जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों को नए बाजार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इन एग्रीमेंट्स का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर तैयार करना और भारत को वैश्विक सप्लाई चेन से और मजबूती से जोड़ना है

अपडेटेड Feb 15, 2026 पर 8:17 PM
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पीएम मोदी ने कहा, भारत मजबूत स्थिति में खड़ा होकर व्यापार समझौतों पर बातचीत करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा है कि आज भारत मजबूत स्थिति में खड़ा होकर व्यापार समझौतों पर बातचीत करता है।  उन्होंने कहा कि देश का बढ़ता मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, तेजी से बढ़ता सर्विस सेक्टर और मजबूत MSME नेटवर्क भारत की ताकत बन चुके हैं। एक खास इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता और साफ नीतियों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसी वजह से भारत अब तक कम से कम 38 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) कर चुका है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की लगातार और स्पष्ट नीतियों ने वैश्विक व्यापार वार्ताओं में भारत की स्थिति को और मजबूत किया है।

38 देशों से FTA, US टैरिफ घटे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) खास तौर पर MSME सेक्टर को फायदा पहुंचाने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन समझौतों से टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल्स, हैंडीक्राफ्ट्स और जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों को नए बाजार मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इन एग्रीमेंट्स का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर तैयार करना और भारत को वैश्विक सप्लाई चेन से और मजबूती से जोड़ना है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्व UPA सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उस समय भारत आत्मविश्वास के साथ व्यापार समझौते नहीं कर पा रहा था। उन्होंने कहा, “UPA के शासन में बातचीत शुरू होती थी, लेकिन बीच में ही रुक जाती थी। लंबी चर्चा के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता था।”


अमेरिका-EU ट्रेड डील पर PM मोदी ने कही ये बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत के सामान के निर्यात ने कई बार पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं। उनके मुताबिक, यह देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धा क्षमता और वैश्विक बाजार से मजबूत जुड़ाव को दिखाता है। उन्होंने कहा कि इंसेंटिव और टैरिफ में छूट से विकास को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन लंबे समय तक टिकाऊ प्रतिस्पर्धा के लिए इनोवेशन, बेहतर कार्यक्षमता और बड़े पैमाने पर उत्पादन जरूरी है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत ने अमेरिका और यूरोपियन यूनियन समेत कई देशों और समूहों के साथ व्यापार समझौते किए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत के बाद एक बड़ी व्यापार डील का ऐलान किया। इस समझौते के साथ वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच चल रहा गंभीर व्यापारिक तनाव खत्म हो गया। इस डील के तहत भारतीय सामानों पर अमेरिका द्वारा लगाया गया टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है। वॉशिंगटन ने अतिरिक्त 25% जुर्माना शुल्क हटा लिया है, जो पिछले साल अगस्त में भारत द्वारा रूसी तेल की लगातार खरीद के जवाब में लगाया गया था। इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है और दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में सुधार का रास्ता खुल गया है।

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