Pahalgam Terrorist Attack: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पड़ोसी देश की ओर से बिना उकसावे के की गई गोलीबारी के बीच भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों (DGMOs) ने हॉटलाइन पर बातचीत की। मामले से परिचित लोगों ने बुधवार (30 अप्रैल) को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोलीबारी के दौरान भारतीय पक्ष द्वारा बिना उकसावे के की गई गोलीबारी के बारे में पाकिस्तानी पक्ष को आगाह किया गया था।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, दोनों देशो के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों के बीच बातचीत मंगलवार को हुई थी। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच यह बातचीत पहलगाम आतंकवादी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर हुई।
सूत्रों ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ स्थिति पर चर्चा की। सूत्रों ने फर्स्ट फोस्ट को बताया, "भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों ने हॉटलाइन पर पाकिस्तान द्वारा बिना उकसावे के संघर्ष विराम उल्लंघन पर चर्चा की। भारत ने नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा बिना उकसावे के किए गए उल्लंघन के खिलाफ पाकिस्तान को चेतावनी दी।"
पाकिस्तान ने भारत के साथ शिमला समझौते को स्थगित कर दिया है, जो 2003 और 2021 के संघर्ष विराम समझौतों का आधार बना है। शिमला समझौते के स्थगित होने के साथ ही इससे होने वाले संघर्ष विराम समझौते भी स्थगित हो गए हैं। पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तानी सेना ने सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। भारत ने हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने कहा है कि इसमें शामिल कम से कम दो हमलावर पाकिस्तान से हैं।
पिछले छह दिनों से पाकिस्तान ने कश्मीर रेखा (LoC) के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर हर रात संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है। अधिकारियों ने दिन में पीटीआई को बताया कि ताजा मामले में पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के चार सीमावर्ती जिलों के कई सेक्टरों में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बिना उकसावे के गोलीबारी की।
अधिकारियों ने बताया कि जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर परगवाल सेक्टर और राजौरी जिले के सुंदरबनी और नौशेरा सेक्टरों से छोटे हथियारों से गोलीबारी की खबर मिली है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया।
पहलगाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल बैसरन में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस हमले में शामिल आतंकवादियों और उनके आकाओं का पृथ्वी के अंतिम छोर तक पीछा करने और उन्हें उनकी कल्पना से परे कड़ी से कड़ी सजा देने का आह्वान किया है।
पहलगाम हमला जम्मू-कश्मीर में नागरिकों पर पिछले कई वर्षों में हुआ सबसे घातक हमला है, जिसे लेकर पूरे देश में आक्रोश की लहर है। हमलावरों तथा उनके आकाओं के खिलाफ कठोर जवाबी कार्रवाई की मांग उठ रही है।