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India-Pakistan Relations: 'बातचीत का दरवाजा खुला रहना चाहिए'; पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर RSS का बड़ा बयान

India-Pakistan Relations: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शीर्ष पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि भारत में पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व पर भरोसा पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस गतिरोध को तोड़ने का सबसे अच्छा तरीका लोगों से लोगों का संपर्क है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 13, 2026 पर 8:52 AM
India-Pakistan Relations: 'बातचीत का दरवाजा खुला रहना चाहिए'; पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर RSS का बड़ा बयान
India-Pakistan Relations: आरएसएस नेता होसबाले ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संवाद का रास्ता खुला रहना चाहिए, लोगों के बीच आपसी संपर्क महत्वपूर्ण है

India-Pakistan Relations: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शीर्ष पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले ने मंगलवार (13 मई) को कहा कि पाकिस्तान के साथ गतिरोध को तोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम लोगों के बीच आपसी संपर्क है। उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ संवाद के लिए हमेशा रास्ता खुला रहना चाहिए। आरएसएस के सरकार्यवाह (महासचिव) होसबाले ने पीटीआई के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व ने भारत का विश्वास खो दिया है। अब समय आ गया है कि नागरिक समाज नेतृत्व करे।

उन्होंने कहा, "किसी भी देश की सुरक्षा और आत्मसम्मान की रक्षा करना आवश्यक है। मौजूदा सरकार को इसका ध्यान रखना चाहिए। लेकिन साथ ही हमें अपने दरवाजे बंद नहीं करने चाहिए। हमें हमेशा उनसे संवाद के लिए तैयार रहना चाहिए।" RSS के सरकार्यवाह ने दोनों देशों के बीच गतिरोध को तोड़ने में लोगों के बीच आपसी संपर्क को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इसे अब और अधिक से अधिक आजमाया जाना चाहिए।

हालांकि, सरकार पारंपरिक राजनयिक चैनलों से इतर 'ट्रैक टू' कूटनीति पर चुप्पी साधे हुए है। लेकिन विपक्षी नेताओं सहित कई बुद्धिजीवियों ने लंबे समय से नागरिक समाज की भागीदारी की वकालत की है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यही एक उम्मीद है, क्योंकि मेरा दृढ़ विश्वास है कि अंततः नागरिक समाज के रिश्ते ही काम आएंगे। क्योंकि हमारे बीच सांस्कृतिक संबंध हैं और हम कभी एक राष्ट्र रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "इसलिए, इस पर जोर देना होगा।" उनसे पूछा गया कि भारत को पाकिस्तान और उसके आतंकवाद को लगातार प्रायोजित करने के रवैये से कैसे निपटना चाहिए। इस पर उन्होंने 26/11, पुलवामा और पहलगाम जैसे आतंकवादी हमलों का हवाला देते हुए कहा, "देखिए, (कूटनीतिक रूप से) हर संभव प्रयास किया जा चुका है। लेकिन पाकिस्तान लगातार छोटी-छोटी उकसावे वाली हरकतें करता रहता है।"

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