National Aviation Safety Centre: अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के घातक विमान दुर्घटना के कुछ ही महीनों बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। देश के नागर विमानन क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार 'राष्ट्रीय विमानन सुरक्षा केंद्र' स्थापित करने की योजना बना रही है, जो ग्लोबल मानकों के अनुरूप होगा। इस केंद्र में विमान दुर्घटना जांचकर्ताओं और अन्य विमानन पेशेवरों को ट्रेनिंग दिया जाएगा। नागर विमानन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि विमानन सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है, और इस पहल का उद्देश्य भारत को विश्व-स्तरीय विमानन सुरक्षा का हब बनाना है। भारत एक राष्ट्रीय विमानन सुरक्षा केंद्र स्थापित कर रहा है। यह जांचकर्ताओं और विमानन पेशेवरों को प्रशिक्षित करने के लिए इस क्षेत्र में अपनी तरह का पहला संस्थान होगा जो वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर आधारित होगा।'
Air India दुर्घटना के बाद बढ़ी चिंता
यह घोषणा 13वीं एशिया पैसिफिक एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ग्रुप (APAC-AIG) मीटिंग के उद्घाटन के अवसर पर की गई, जिसकी मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। मीटिंग के उद्घाटन के समय 12 जून को हुए Air India विमान दुर्घटना में मारे गए 260 लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रतिभागियों ने कुछ देर के लिए मौन रखा। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) फिलहाल में उस घातक दुर्घटना की जांच कर रहा है।
AAIB के महानिदेशक जी वी जी युगंधर ने वैश्विक स्तर पर विमानन जांच में आने वाली कुछ चुनौतियों का जिक्र किया। युगंधर ने कहा कि AAIB की सिफारिशों का कार्यान्वयन एक 'ग्रे एरिया' है, क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन (ICAO) के सदस्य राष्ट्रों द्वारा जांच रिपोर्ट और सिफारिशों को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत की जाती हैं और उनका आगे वर्गीकरण नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर, सभी जांच एजेंसियों के सामने योग्य जांचकर्ताओं की भर्ती और उन्हें बनाए रखने की चुनौती है।